बृज होली महोत्सव: जल महलों में चले रंगीन फव्वारों ने बिखेरी इंद्रधनुषीय छठा, कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोहा

बृज होली महोत्सव: जल महलों में चले रंगीन फव्वारों ने बिखेरी इंद्रधनुषीय छठा, कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोहा

जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय बृज होली महोत्सव का आगाज बुधवार को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ। सुबह कामां के लाल दरवाजा स्थित गणेश मंदिर में गणेश पूजन किया गया। बाद में डीग के जल महलों में रंगीन फव्वारे चलाए गए। तीखी धूप में रंगीन फव्वारों ने इन्द्र धनुशीय छठा बिखेर दी, जिसका दर्शकों ने मंत्रमुग्ध हो आनंद उठाया।

करीब तीन 300 साल पुराने यह फव्वारे मैनुअल चलते हैं, जिसमें महल की छत पर बनी टंकी में पानी भरा जाता है, जिसमें बनी नालियों में रंग की पोटली रखी जाती है। जिससे पानी रंगीन होकर अलग-अलग फाउंटेन से निकलता है। इसका प्रेशर और कई रंगों की मिलावट रंगीन नजारा बना देती है।

जल महलों में रंगीन फव्वारों की अठखेलियों का देसी सैलानियों के साथ स्थानीय लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। कोरोना के कारण इस बार विदेशी पर्यटक उत्सव का आनंद नहीं ले सके। इस मौके पर कलाकारों ने लोक कलाओं का भी प्रदर्शन किया।

नेहरू पार्क में राधा-कृष्ण एवं महापुरुष स्वरूप प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर नथमल डिडेल, उपनिदेशक महिला बाल विकास मोनिका बलारा, एडीजे कुलदीप शर्मा, उपखण्ड अधिकारी हेमंत कुमार, वृत्ताधिकारी मदनलाल जैफ, थाना प्रभारी रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे।

पर्यटन विभाग के सहायक पर्यटन अधिकारी विशाल माथुर ने बताया कि मंगलवार को गणेश मंदिर कामां में गणेश पूजन तथा लोहागढ़ स्टेडियम में कब्बडी, रस्साकशी तथा साफा बांधना प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। शाम को विमल कुंड कामां में महाआरती का आयोजन किया गया।

कार्यक्रमों की इसी शृंखला में भरतपुर स्थित शास्त्री पार्क में देश के विभिन्न अंचलों से आमंत्रित लोक कलाकारों व राजस्थानी लोक कलाकारों की रंगारंग सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। गोपीनाथ जी मंदिर, कामां में ब्रज के लोकप्रिय होली के रसिया गायन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।