कोटा में मौत का कहर: जेके लोन अस्पताल में 8 घंटे में 9 बच्चों की मौत परिजन गिड़गिड़ाते रहे और नाइट ड्यूटी स्टाफ सोता रहा
राजस्थान के कोटा शहर का जेके लोन अस्पताल महज 8 घंटे में कब्रगाह बन गया। बुधवार रात 2 बजे से गुरुवार सुबह 10 बजे के बीच महज 8 घंटे के अंदर नौ नवजातों में दम तोड़ दिया। ये सभी नवजात 4 से 5 दिन के थे। परिजनों का आरोप है कि बच्चों की हालत बिगड़ने पर हम मदद के लिए अस्पताल के स्टाफ से गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन नाइट ड्यूटी स्टाफ सोता रहा। बार-बार बुलाने पर भी डॉक्टर नहीं आए और उल्टा हमें डांटकर भगा दिया गया। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया। परिजनों ने अस्पताल के मेडिकल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने 9 शिशुओं की मौत की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय प्राचार्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की प्रारंभिक जांच कर तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कोटा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से जेके लोन अस्पताल में शिशुओं की मौत की सूचना पर रिपोर्ट तलब की। जेके लोन मातृ एवं शिशु चिकित्सालय कोटा के चिकित्सा अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चिकित्सालय में उपचार के लिए आने वाले 9 शिशुओं में से 3 नवजात शिशु मृत अवस्था में लाए गए थे तथा 3 नवजात की मृत्यु जन्मजात बीमारी के कारण हुई है। शेष 3 नवजात की मृत्यु चिकित्सकों के अनुसार सीओटी के कारण हुई है।
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में ये अस्पताल चर्चा में आया था, जब यहां पर 100 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गहलोत सरकार की काफी किरकिरी हुई थी।


