टीके का भी टोटा: काेटा में हैं करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स, इनमें से 15 प्रतिशत को ही लगा है टीका, वैक्सीन भी नहीं मिल रही, तीसरी लहर आई तो कैसे बचाएंगे?

टीके का भी टोटा: काेटा में हैं करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स, इनमें से 15 प्रतिशत को ही लगा है टीका, वैक्सीन भी नहीं मिल रही, तीसरी लहर आई तो कैसे बचाएंगे?

कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य हो रही हैं। सबकुछ अनलॉक हो रहा है। वहीं, अब स्टूडेंट्स की परीक्षाओं की तैयारियाें की प्रक्रिया शुरू हो रही हैं। वहीं, तीसरी लहर की चेतावनी दी जा रही है। लेकिन अभी तक 10-15 प्रतिशत स्टूडेंट्स को ही टीका लगा है।

ऐसे में अहम सवाल यह है कि बिना टीका लगाए स्टूडेंट्स को तीसरी लहर से कैसे बचा पाएंगे। जबकि काेटा में 18 से अधिक उम्र के करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स हैं, जिनके लिए परीक्षा से पहले वैक्सीन की पहली डाेज लगना जरूरी है। यदि इन्हें डाेज नहीं लगी ताे स्थिति चिंताजनक हो सकती हैं।

राज्य सरकार परीक्षा कराने की कर रही तैयारियां, इसी महीने के आखिर में या फिर अगस्त में पेपर होने की संभावना

राज्य सरकार ने अभी तक परीक्षा के लिए गठित कमेटी की रिपाेर्ट का खुलासा नहीं किया है। लेकिन जानकाराें का कहना है कि सैकंड ईयर, थर्ड ईयर और पीजी फाइनल की परीक्षाएं हाेंगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन भी इसकी तैयारियाेंं में जुटे हुए हैं। ये परीक्षाएं जुलाई के अंत अथवा अगस्त महीने मेें हाेने की संभावना है।

बगैर वैक्सीनेशन के स्टूडेंट्स की परीक्षाएं और काॅलेज खाेले ताे लगा देेंगे ताला

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनयराजसिंह ने बताया कि परीक्षाएं देने वाले काेटा सिटी के हर स्टूडेंट्स के लिए वैक्सीन लगना जरूरी है। यदि सरकार ने बगैर स्टूडेंट्स के वैक्सीनेशन किए परीक्षाएं करवाई और काॅलेज खाेले ताे ताला लगा दिया जाएगा। सरकार काे चाहिए कि जिन स्टूडेंट्स ने परीक्षा फाॅर्म भरे हैं, उनके फाॅर्म के आधार पर संस्थानाें में वैक्सीनेशन कैंप करवाना चाहिए। ताकि स्टूडेंट्स काे राहत मिल सके। 70 फीसदी भी वैक्सीनेशन हाे गया ताे 100 प्रतिशत स्टूडेंट्स आसानी से परीक्षा दे सकेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे कम हुआ है टीकाकरण

काेटा में वैक्सीन की सप्लाई नहीं हाेे रही है। जबकि शहर में काेटा यूनिवर्सिटी के करीब 80 हजार, आरटीयू के 10 हजार, वीएमओयू के 20 हजार, नीट यूजी के 18 हजार, जेईई मेन के 9 हजार, जेईई एडवांस्ड के 3 हजार, पाॅलीटेक्निक एजुकेशन के1200, आईटीआई के 5 हजार, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के 200सहित अन्य संस्थाओं से करीब 3400 स्टूडेंट्स सहित करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स काे प्राथमिकता से वैक्सीनेशन हाेना जरूरी है। हालांकि जानकार बताते हैं कि 18 प्लस के करीब 10 से 15 प्रतिशत स्टूडेंट्स काे वैक्सीन लगी है।

ग्रामीण स्टूडेंट्स काे अभी भी वैक्सीनेशन का इंतजार है। जिस हिसाब से वैक्सीन की सप्लाई आ रही है, उसे हिसाब से परीक्षा तक 25 प्रतिशत स्टूडेंट्स को भी टीका नहीं लग पाएगा। छात्र नेताओं ने कहा कि परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल ड्राइव करना चाहिए। नहीं ताे सबसे बड़ी समस्या उनके एग्जाम देने काे लेकर हाेगी। प्रशासन काे इस बारे में साेचना चाहिए। जबकि परीक्षा काे लेकर गठित कमेटी ने भी स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए परीक्षाओं और कॉलेज कैंपस खोलने से पहले स्टूडेंट्स का वैक्सीनेशन के अनिवार्यता पर जोर दिया है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से इस संबंध में प्रपाेजल तैयार कर रहे हैं। जिला प्रशासन काे स्टूडेंट्स के लिए वैक्सीनेशन के संबंध में लिखा जाएगा ताकि परीक्षा हाेने पर यह सबसे बेहतर हाे सके।
-डाॅ. आरके उपाध्याय, रजिस्ट्रार काेटा यूनिवर्सिटी