तारबंदी में फंसी गर्भवती हिरणी को कंधे पर उठाकर रेस्क्यू सेंटर तक पहुंचाया
जोधपुर: बाला सती ओरण की तारबंदी में मंगलवार को दो हिरण फंस गए। इनमें एक ने दम तोड़ दिया लेकिन दूसरे को वन्यजीवप्रेमियों ने बचा लिया। हिरणों के फंसे होने की सूचना पर विश्नोई टाइगर फोर्स बिलाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष प्यारेलाल विश्नोई लांबा मौके पर पहुंचे। तब तक नर हिरण ने प्राण त्याग दिए थे और मादा तड़प रही थी।
मौके पर वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं था। ऐसे में बिश्नोई ने हिरणी को निकाला। फिर घावों को कपड़े व पट्टी से बांधा और आधा किमी दूर सड़क पर वाहन में डालकर बाला रेस्क्यू सेंटर पर प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों को सुपुर्द किया। वन विभाग उसे खेजड़ली स्थित रेस्क्यू सेंटर पर ले गया। गौरतलब है कि शिकार की बढ़ती घटनाओं के विरोध में गत 1 सितंबर को प्यारे लाल बिश्नोई ने 24 घंटे तक आमरण अनशन भी किया था।


