बझेरा के राजकीय स्कूल में निजी शिक्षण संस्थानों से बेहतर मिल रहीं सुविधा

बझेरा के राजकीय स्कूल में निजी शिक्षण संस्थानों से बेहतर मिल रहीं सुविधा

समाज में एक ऐसी सोच बनी हुई है कि सरकारी विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, स्वच्छता, पेयजल, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का अभाव रहता है। जिससे लोग अपने बच्चों की भविष्य की सोचते हुए निजी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिलाते हैं। और कड़ी मेहनत करके निजी शिक्षण संस्थानों को बच्चों को पढ़ाने के लिए फीस एकत्रित करते हैं। लेकिन राजकीय विद्यालयों के शिक्षक अब जागरूक हो चुके हैं और विद्यालयों को बेहतर बनाने जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।

अब राजकीय विद्यालयों में निजी शिक्षण संस्थाओं जैसी सुविधाएं मिलने लगी है। राजकीय विद्यालयों के युवा प्रधानाध्यापक नई सोच एवं सूझबूझ के साथ विद्यालयों में भौतिक संसाधन एवं नई शिक्षण पद्धति को अपनाकर बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में खरा उतर रहे हैं।

क्षेत्र के गांव बझेरा में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रूपनारायण चौधरी ने अपनी मेहनत और लगन से शिक्षक एवं ग्रामीणों को जागरूक करते हुए विद्यालय में बेहतर कार्य कराए हैं।