स्टूडेंट्स पाॅवर:अब सरकारी स्कूलों में बनाए जाएंगे हैडबॉय और हैडगर्ल

स्टूडेंट्स पाॅवर:अब सरकारी स्कूलों में बनाए जाएंगे हैडबॉय और हैडगर्ल

कॉलेजों की तर्ज पर अब माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में छात्र नेता होंगे। लेकिन उनका चयन संस्था प्रधान और एक कमेटी करेगी। जी हां, अब स्कूलों में शैक्षिक व सहशैक्षिक गतिविधियों के सफल संचालन के लिए सरकारी स्कूलों में भी हैडबाॅय व हैडगर्ल का चयन किया जाएगा।

खास बात यह कि यह हैडबाॅय व हैडगर्ल स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए संस्था प्रधान, शिक्षकों के अतिरिक्त उसी विद्यालय में अध्ययनरत वे विद्यार्थी भी रोल मॉडल, प्रेरक, माग दर्शक एवं सहयोगी होंगे। स्कूल में संचालित होने वाली सभी गतिविधियों में इनकी सहभागिता रहेगी। विद्यालयी गतिविधियों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने वाले विद्यार्थियों में से इनका चयन किया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरव स्वामी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी सरकारी उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में हैडबॉय और हैडगर्ल की नियुक्तियां करने के दिशा निर्देश जारी किए हैं। हैडगर्ल और हैडबॉय विद्यालय के सभी विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व करेंगे और संस्था प्रधान व विद्यालयों के बीच समन्वय का कार्य करते हुए विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

चयन का होगा ये आधार

1. उच्च माध्यमिक विद्यालय में हैडबॉय और हैड गर्ल कक्षा 11 के अध्ययनरत छात्र-छात्राएं और माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 9 के छात्र और छात्राएं हो सकेंगे।

2. चयन के लिए विद्यार्थी का गत बोर्ड कक्षा की उत्कृष्ट शैक्षिक उपलब्धि हो।

3. विद्यार्थी का सह शैक्षिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हो।

4. विद्यार्थी का व्यवहार

5. विद्यार्थी का सहपाठियों और अपने छोटों से व्यवहार

6. विद्यार्थी की नेतृत्व क्षमता

20 फरवरी तक होगा चयन

पहले चरण में राजकीय माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक प्रतिभाशाली बालक एवं एक प्रतिभाशाली बालिका को विद्यालय संचालन, अकादमिक गतिविधियों तथा विकास कार्यों में विद्यार्थियों के प्रतिनिधि के रूप में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए हैडबॉय और हैडगर्ल बनाया जाएगा। सभी स्कूलों में 20 फरवरी तक इनके चयन से जुड़ी गतिविधियां पूरी करनी होंगी।

हैडबाॅय और हैडगर्ल के चयन में ये होगी चयन समिति

1. संस्था प्रधान

2. विद्यालय का वरिष्ठ अध्यापक व्याख्याता जो एसडीएमसी का सदस्य हो

3. विद्यालय का शारीरिक शिक्षक

4. विद्यालय का पुस्तकालय अध्यक्ष / पुस्तकालय प्रभारी

5. शिक्षिका महिला प्रतिनिधि के रूप में, यदि महिला शिक्षिका नहीं हो तो किसी अन्य शिक्षक का चयन किया जा सकता है।

हैडबॉय और हैडगर्ल के ये होंगे कार्य

1. हैडबॉय-हैडगर्ल विद्यार्थियों एवं प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक के बीच की कड़ी का कार्य करेंगे। 2. विद्यालयों में अनुशासन संबंधी कार्यों में सभी सहभागिता निभाएंगे 3. बालसभा/ पीटीएम / एसडीएमसी की बैठकों में समन्वयक का कार्य करेंगे 4. विकास कार्यों में बतौर सदस्य उनकी भूमिका रहेगी