माता-पिता के साथ फोटो शेयर कर चर्चा में आए, मेवात के गांव से निकलकर बने अधिकारी
अलवर भारतीय डाक विभाग में SSP (सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस) पद पर तैनात आईएएस अधिकारी जब्बार खान मेवात इलाके का नाम रोशन कर रहे हैं। इन दिनों जब्बार एक फोटो की वजह से चर्चा में बने हुए हैं। फोटो जब्बार के ऑफिस का है। जहां अपनी कुर्सी पर उन्होंने अपने पिता को बैठा रखा है, पास ही मां भी बैठी हैं, खुद जब्बार दोनों के पीछे खड़े हैं। सोशल मीडिया पर यह फोटो सुर्खियां बटोर रही है। आईएएस अधिकारी जब्बार खान ने बताया कि फोटो 21 अप्रैल की है। पिता बीमार थे। वे उन्हें अलवर में इलाज के लिए लेकर आए थे। इस दौरान उन्हें अपने ऑफिस लाया। उन्हें अपनी कुर्सी पर बैठाया तो उन्हें सुकून मिला। उसी वक्त यह फोटो क्लिक कराया। सोशल मीडिया पर नहीं डाला था। फिर भी लोगों तक पहुंचा तो इसे प्यार मिला।
पिता किसान हैं पढ़ाई में आई परेशानियां
जब्बार खान ने बताया कि उनके पिता समय सिंह किसान हैं। उनकी उम्र अधिक हो चुकी है, बीमार रहते हैं। उन्होंने जीवन में संघर्ष किए। मैं सरकारी स्कूल में गांव से पढ़कर निकला। अब काम की वजह से समय नहीं मिल पाता। माता-पिता को अपने दफ्तर लाकर अपनी कुर्सी देना, मुझे भी यह एहसास दिलाएगा कि यह पद उन्हीं की देन है। पिता ने हमेशा पढ़ाई में सहयोग किया। जब्बार खान 11वीं क्लास तक अपने पैतृक गांव रुंध में ही पढ़े। 12वीं की पढ़ाई करने के लिए वह सीकर चले गए। जब्बार ने कहा कि सीकर में रहने के दौरान मोटिवेट हुआ। आईएएस बनने का सपना देखा। गाइडेंस मिली और मेहनत की। ग्रेजुएशन के लिए जब्बार अलवर आ गए। उसके बाद उन्होंने PG राजस्थान यूनिवर्सिटी जयपुर से की।
12वीं के बाद नेवी में हुए थे सेलेक्ट
जब्बार खान ने बताया कि उन्होंने 10वीं राजस्थान टॉप किया था। 12वीं पास करने के बाद इंडियन नेवी में सेलेक्ट हो गए थे। असिस्टेंट रेलवे मास्टर की पोस्ट पर भी सिलेक्शन हुआ। बाद में RPSC से असिस्टेंट प्रोफेसर में चयन हुआ। फिर UPSC से रेलवे में असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर की पोस्ट पर चयन और फिर साल 2017 में इंडियन पोस्टल सर्विस मिली।
सीकर में अच्छा ग्रुप मिला तो आगे बढ़ने की मिली प्रेरणा
जब्बार खान ने बताया कि जब वह सीकर में पढ़ते थे तो उन्हें कई साथी मिले। वहां एक IPS से मुलाकात हुई। तब उनसे मिलकर लगा कि हमें भी इस फील्ड में जाना चाहिए। घर में शुरू से ही पढ़ाई का माहौल था। उनके बड़े भाई भी टीचर हैं और छोटे भाई भी RAS की तैयारी कर रहे हैं।
मदर्ड डे को लेकर बोले जब्बार
मदर्ड डे को लेकर जब्बार खान ने कहा कि इस दिन को वे अपनी मां के साथ बिताएंगे। सारा दिन उनके पास रहेंगे, उनसे बातें करेंगे। मेवात में अपराध को लेकर उन्होंने कहा- ये सही है कि मेवात इलाका अपराध के लिए बदनाम है। लेकिन इस टैग को हटाने की कोशिशें भी की जा रही हैं। जब्बार ने कहा कि वे व्हाट्सएप के जरिए एक सोशल वर्क कर रहे हैं। मेवात के मेधावी बच्चों से ग्रुप के जरिए कनेक्ट हैं। वे बच्चे जो सिविल सेवा में जाना चाहते हैं। उन्हें जब्बार ने अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध करा रखा है। बच्चे उनके कोई भी जानकारी व्हाट्सएप के जरिए लेते हैं। पढ़ने वाले बच्चों की जब्बार आर्थिक मदद भी करते हैं। वे सिविल सेवा की पढ़ाई के लिए बच्चों को गाइड कर रहे हैं। साथ ही एक चेन बना रहे हैं जिससे बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के जरिए ही समाज को बदला जा सकता है।


