फर्जी दस्तावेज फर्जीवाड़े से नौकरी हासिल करने का आरोप, पुलिस में मामला दर्ज
बयाना पुलिस सर्किल के थाना गढ़ी बाजना में गांव थानाडांग निवासी भगवानदास गुर्जर ने कोर्ट इस्तगासा के जरिए अपने गांव के ही धनीराम गुर्जर के खिलाफ सेना में भर्ती होने के लिए अपनी उम्र कम दिखाने का फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज बनवाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है।
2001 में 18 साल की उम्र
पुलिस के अनुसार भगवान दास ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसके गांव के रहने वाले धनीराम ने 15 जुलाई 1999 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ब्रह्मबाद में कक्षा 9वीं में प्रवेश लिया था। प्रवेश के समय रिकॉर्ड में धनीराम की जन्म दिनांक 1 अक्टूबर 1983 थी। जो स्कूल के एसआर रजिस्टर में भी दर्ज है। रिपोर्ट में बताया कि धनीराम ने सन 2001 में 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली थी और वह पुलिस व सेना में भर्ती देखने लग गया।
फर्जी मार्कशीट प्राप्त करने का आरोप
लेकिन उस समय धनीराम का चयन सेना व पुलिस में कहीं नहीं हो पाया। सन 2005 तक चयन नहीं होने पर धनीराम उम्र के लिहाज से ओवरएज होकर सेना भर्ती के अयोग्य हो गया। इसके बाद धनीराम ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपनी जन्म दिनांक 1 अक्टूबर 1983 के स्थान पर 14 अक्टूबर 1991 दर्ज करा ली। फर्जी डाक्यूमेंट्स के आधार पर धनीराम ने सैदपुर (मथुरा) के सिकरवार इंटर कॉलेज में कक्षा 9 में दोबारा से प्रवेश लिया और इसी कॉलेज से सत्र 2009 में 10वीं कक्षा पास कर उसकी मार्कशीट प्राप्त कर ली।
रिपोर्ट में लगाए दस्तावेज
धनीराम ने उसी गलत जन्म दिनांक वाली दूसरी मार्कशीट के आधार पर सेना में नौकरी प्राप्त कर ली। धनीराम अभी वर्तमान में सेना में देहरादून में कार्यरत है। रिपोर्ट के साथ शिकायतकर्ता भगवान दास ने फर्जी दस्तावेजों को साबित करने के लिए स्कूलों की टीसी और मार्कशीट भी लगाई है।


