आरबीएम में जद्दोजहद के बाद भर्ती हुए कोरोना बंदी

आरबीएम में जद्दोजहद के बाद भर्ती हुए कोरोना बंदी

राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में उचित देखभाल नहीं होने पर 9 बंदियों को लेकर पहुंची पुलिस को आरबीएम अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने से मना कर दिया। बाद में एडिशनल एसपी डॉ. मूल सिंह राणा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अफसरों के हस्तक्षेप करने पर उन्हें कोरोना वार्ड में भर्ती कर लिया गया। दरअसल, पुलिस चाहती थी कि इनमें कुछ बंदी तो हार्डकोर बदमाश भी हैं। कोविड केयर सेंटर में इन्हें प्रॉपर इलाज नहीं मिल पा रहा है और वहां सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं है।

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क्योंकि कोरोना वार्ड में खिड़की-दरवाजे ठीक नहीं होने से दो बंदी पहले ही भाग चुके हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना था कि यहां केवल लक्षण वाले रोगी ही भर्ती किए जा रहे हैं। बंदियों के लिए अलग वार्ड बनाने के लिए अतिरिक्त कमरे खाली नहीं हैं।

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बाद में तय हुआ कि बंदियों पर निगरानी रखने के लिए 3 शिफ्ट में 21 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। साथ ही अस्पताल प्रशासन टूटे खिड़की और दरवाजों की मरम्मत कराने का प्रयास करेगा। उल्लेखनीय है कि संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल में मेल-फीमेल दो कोरोना वार्ड बने हुए हैं। लक्षण वाले पॉजिटिव महिला-पुरुष रोगियों को इन्हीं वार्डों में भर्ती रखा जा रहा है।