कलेक्टर ने जारी की नई गाइडलाइन:थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मिलेगी एंट्री, स्टूडेंट्स की तबीयत बिगड़ी तो स्कूल और कोचिंग वालों को अपने खर्चे पर कराना होगा इलाज

कलेक्टर ने जारी की नई गाइडलाइन:थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मिलेगी एंट्री, स्टूडेंट्स की तबीयत बिगड़ी तो स्कूल और कोचिंग वालों को अपने खर्चे पर कराना होगा इलाज

कक्षा 9 से 12वीं तक की 18 जनवरी से ऑफ लाइन क्लासेज शुरू करने की तैयारियों में जुटे संचालक

प्रदेश में 18 जनवरी से ऑफलाइन क्लासेज शुरू करने को लेकर स्कूल और कोचिंग इन दिनों तैयारियों में जुटे हैं। क्लासरूम को रंग-पेंट करके ठीक कराया जा रहा है। स्टूडेंट्स का सिटिंग प्लान बदला जा रहा है। क्लास रूम, बरामदों आदि से पर्दे, कर्टेन आदि हटाकर उन्हें हवादार बनाया जा रहा है। वहीं, जिला कलेक्टर ने शुक्रवार को इनके लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी। इसके बिंदु संख्या 11 में कहा गया है कि पढ़ाई के दौरान किसी भी विद्यार्थी में कोरोना के लक्षण पाए जाने पर कोचिंग या स्कूल संस्थानों द्वारा अपने खर्चे पर तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।

दैनिक भास्कर संवाददाता ने स्कूल संचालकों और अभिभावकों से बात करके बच्चों की सुरक्षा उपायों को समझने की कोशिश की। सोनी एकेडमी के संचालक विकास सोनी ने बताया कि अभिभावक और विद्यार्थी कई दिन से स्कूल में क्लासेज शुरू करने का इंतजार कर रहे थे। अब स्कूल परिसर को सेनेटाइज किया जा रहा है।

स्टूडेंट्स और स्टाफ के लिए हैंडवॉश की व्यवस्था की गई है। क्लास में सोशल डिस्टेंसिंग रह सके इसलिए एक बैंच पर एक ही बच्चा बिठाया जाएगा। बाबा सुग्रीव स्कूल के संचालक इंजीनियर रवि शर्मा ने बताया कि एहतियात के तौर पर अभी बालवाहिनी नहीं चलाएंगे। आने-जाने की व्यवस्था अभिभावकों को ही करनी होगी। स्कूल में ऑन कॉल डॉक्टर की व्यवस्था रहेगी।

हर उस सवाल का जवाब जो आप जानना चाहते हैं...आधा घंटे के अंतराल पर शुरू होंगी क्लासेज, स्कूल आने के लिए अभिभावकों की सहमति जरूरी

स्कूल आने के लिए स्टूडेंट्स को क्या-क्या सावधानियां रखनी होंगी। -सभी को मास्क लगाकर आना होगा। पानी की बोतल घर से लाएंगे। खाना-पानी शेयर नहीं करेंगे। टीचर, स्टूडेंट्स अपने कक्ष में भोजन करेंगे। स्कूल में हैंडवॉश व सेनेटाइजर की व्यवस्था रहेगी। क्या अभी भी स्कूल आने के लिए अभिभावकों की लिखित सहमति लानी होगी। -जी हां, प्रत्येक स्टूडेंट्स के अपने अभिभावकों से लिखवाकर लाना होगा कि वे स्वेच्छा से स्कूल भेज रहे हैं। क्लासेज शुरू होने की टाइमिंग क्या रहेगी। -कक्षा 9 की क्लास सुबह 10 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे खत्म होगी। जबकि 10वीं की क्लास सुबह 9.30 से दोपहर 3.30 बजे तक चलेगी। इसी तरह कक्षा 11वीं की क्लास सुबह 10 से शाम 4 बजे तक और 12वीं क्लास सुबह 9.30 से दोपहर 3.30 बजे तक चलेगी। क्लासेज में डिस्टेंसिंग कैसे मेंंनटेन होगी। -अभी 50% बच्चों को ही आने की अनुमति है। ज्यादातर स्कूलों ने क्लास की एक रॉ में एक बेंच पर एक ही विद्यार्थी बिठाए जाने की व्यवस्था की है। बालवाहिनी चलेंगी, या मुझे खुद बच्चे को लाना-ले जाना होगा। -स्कूल से पता कर लें। क्योंकि कुछ स्कूल अभी बालवाहिनी शुरू नहीं कर रहे हैं। अक्सर छुट्टी के समय या क्लासेज शुरू होने से पहले बच्चे ग्रुप में मिलते हैं, इन्हें कैसे रोकेंगे। -प्रत्येक क्लास शुरू करने और छुट्टी करने में आधा घंटे के अंतराल रहेगा। इसलिए ज्यादा बच्चे आपस में नहीं मिल पाएंगे। क्या प्रार्थना सभा, स्पोर्ट्स एक्टिविटी और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम होंगे। -गाइड लाइन के तहत एक्टिविटीज पर रोक रहेगी। अभी तो बोर्ड एग्जाम को देखते हुए केवल पढ़ाई पर ही फोकस रहेगा। कुछ दिन बाद गणतंत्र दिवस है, इसके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का क्या रहेगा। -सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। केवल सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ध्वजारोहण हो सकेगा।

सरकारी स्कूलों में भी होगा गाइड लाइन का पालन

^प्राइवेट की तरह सरकारी स्कूलों में भी कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से पालन करवाया जाएगा। हैडवॉश, सेनेटाइजर आदि व्यवस्थाओं पर स्कूल की कंपोजिट ग्रांट में से 10 प्रतिशत राशि खर्च की जा सकेगी। इसके लिए स्वच्छता अनुदान, भामाशाह विद्यार्थी कोष औऱ विकास कोष की राशि का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा।

प्रेम सिंह कुंतल, जिला शिक्षा अधिकारी