भंवरी देवी हत्याकांड मामला सुप्रीम कोर्ट ने दिए रोज सुनवाई करने के आदेश, आरोपियों के बयान दर्ज कर 12 अप्रैल तक पेश करनी होगी रिपोर्ट

भंवरी देवी हत्याकांड मामला सुप्रीम कोर्ट ने दिए रोज सुनवाई करने के आदेश, आरोपियों के बयान दर्ज कर 12 अप्रैल तक पेश करनी होगी रिपोर्ट

राजस्थान के बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को रोज सुनवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही 12 अप्रैल तक सभी आरोपियों के बयान पूरे कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से 8 साल पुराने इस मामले में अब जल्द फैसला आने की उम्मीद है। कोर्ट ने यह आदेश एक आरोपी परसराम विश्नोई की जमानत याचिका पर सुनावाई के दौरान दिया।

सुप्रीम कोर्ट के जज संजय किशन कौल और जज हेमंत गुप्ता की बेंच ने जमानत याचिका पर सुनवाई की। बेंच ने मामले की सुनवाई कर रहे जोधपुर के अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण स्पेशल कोर्ट को यह आदेश दिया।

अब तक यह है स्थिति
1 सितंबर 2011 को ANM भंवरी देवी की लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई। CBI ने 2012 में इस मामले में 3 अलग-अलग आरोप पत्र पेश किए। इस मामले में CBI की तरफ से कुल 197 गवाह पेश किए थे। इन सभी के बयान पूरे हो चुके हैं। अब इस मामले में 17 आरोपियों के बयान दर्ज होना बाकी हैं। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी से 1044 सवाल पूछने तय किए हैं। सवालों की लंबी सूची होने की वजह से सिर्फ 3 आरोपियों के ही बयान हुए हैं। चौथे के बयान चल रहे हैं।

यह है मामला
जोधपुर जिले के बिलाड़ा थाने में अमरचंद नाम के एक व्यक्ति ने एक सितम्बर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी एएनएम भंवरी देवी लापता है। साथ ही उसने अपनी पत्नी के अपहरण की आशंका जताते हुए तत्कालीन राज्य सरकार में मंत्री महिपाल मदेरणा सहित दो तीन लोगों पर शक जाहिर किया। इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। मामले की जांच कुछ आगे बढ़ती इस बीच राज्य सरकार ने बढ़ते विरोध को ध्यान में रख मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने तीन दिसम्बर 2011 को महिपाल मदेरणा से पूछताछ की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बाद में इस मामले में कांग्रेस विधायक मलखान सिंह विश्नोई का भी नाम आया। उन्हें भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में बारह अन्य गिरफ्तारियां भी हुई। इसके बाद से महिपाल व मलखान अभी तक जेल में ही है। सीबीआई का दावा है कि भंवरी देवी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में शव को जला कर उसकी राख को राजीव गांधी लिफ्ट नहर में बहा दिया गया। यह मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है।