काेरोनाकाल में गहलोत सरकार ने बेरोजगार युवाओं की दीं 3 बड़ी खुशखबरी सरकारी नौकरियों में सिर्फ राजस्थान के अभ्यर्थियों को ही मौका देने की तैयारी
राज्य के बेराेजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है। गहलोत सरकार मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान के बेराेजगार युवाओं काे सरकारी नाैकरियाें में अधिक से अधिक प्राथमिकता देने की तैयारी कर रही है। इसे लेकर मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने गुरुवार काे कार्मिक, प्रशासनिक सुधार, विधि सहित अन्य विभागाें के आला अफसराें काे इस पूरे मामले का परीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि राज्य के युवाओं के लिए अधिक से अधिक अवसर पैदा किए जा सकें।
सूत्राें के अनुसार सीएम ने यहां तक कहा कि यदि दूसरे राज्य अपने युवाओं काे प्राथमिकता दे रहे हैं ताे राजस्थान ऐसा क्याें नहीं कर सकता। सूत्राें के अनुसार सीएम अशाेक गहलाेत राज्य के बेराेजगार युवाओं काे लेकर खासे चिंतित हैं। इसी काे ध्यान में रखकर उनकी ओर से यह कदम उठाया जा रहा है।
पिछले महीने ही मध्य प्रदेश सरकार ने फैसला किया था कि सरकारी भर्तियों में केवल मध्य प्रदेश के युवाओं को ही तरजीह देंगे। इसी के बाद यह मामला गरमा गया था कि राजस्थान में भी स्थानीय युवाओं को ही प्राथमिकता दी जाए।
प्रदेश में यह मुद्दा कई वर्षों से चल रहा है कि यहां भर्तियों में स्थानीय युवाओं को ही प्राथमिकता दी जाए। प्रदेश में कई तरह की भर्तियां ऐसी हैं, जहां 100% स्थानीय युवाओं को ही प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है। इनमें पटवारी, तृतीय श्रेणी शिक्षक, पशुधन सहायक, कृषि पर्यवेक्षक, महिला पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी, पूर्व प्राथमिक शिक्षक और लिपिक जैसी कई भर्तियां हैं, जहां बाहरी युवाओं के मुकाबले स्थानीय युवा अच्छे से और बहुत बेहतर गुणवत्ता के साथ काम कर सकते हैं।


