100 की स्पीड से ऑडी दौड़ा रही लड़कियों ने युवक को टक्कर मारी, 30 फीट दूर मकान की छत पर गिरा, युवक की मौके पर ही मौत

100 की स्पीड से ऑडी दौड़ा रही लड़कियों ने युवक को टक्कर मारी, 30 फीट दूर मकान की छत पर गिरा, युवक की मौके पर ही मौत

शहर में शुक्रवार को अजमेर रोड स्थित एलिवेटेड रोड पर तेज रफ्तार ऑडी कार ने माड़ाराम नाम के युवक को टक्कर मार दी। तेज रफ्तार कार की टक्कर में युवक 30 फीट तक उछलकर मकान की एक छत पर गिरा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। माड़ाराम पुलिस कांस्टेबल बनने का सपना लेकर करीब 350 किलोमीटर दूर से जयपुर आया था। इस हादसे से न सिर्फ माड़ाराम की जिंदगी छीन ली, बल्कि उसके और परिवार के सपनों को भी कुचल दिया। एलिवेटेड रोड पर पैदल चलकर मंजिल यानी परीक्षा केंद्र की तरफ जा रहे माडाराम रैबारी की सांसों पर कार ने महज साढ़े 3 सेकंड में ब्रेक लगा दिया।

जयपुर में एलिवेटेड रोड पुलिया पर माड़ाराम को टक्कर मारने वाली ऑडी कार बिजली के एक पोल से टकराकर रुक गई।
जयपुर में एलिवेटेड रोड पुलिया पर माड़ाराम को टक्कर मारने वाली ऑडी कार बिजली के एक पोल से टकराकर रुक गई।

हादसे में मारा गया माड़ाराम के बड़े भाई प्रकाश ने कहा, 'परिवार में 4 भाई और 3 बहनें हैं। माड़ाराम के जाने के बाद अब 3 भाई और 3 बहन बचे। हम 3 भाई प्राइवेट जॉब कर परिवार का गुजारा करते हैं। लेकिन सबसे छोटे भाई माडाराम का सपना था सरकारी नौकरी पाने का। परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। लेकिन, पढ़ाई के लिए माड़ाराम पाली का बाजवा गांव छोड़कर जोधपुर शहर आ गया।

मां ने गहने गिरवी रखे, खेत बेचा, बहन ने अपने पास पढ़ाया

माड़ाराम सरकारी नौकरी का सपना लेकर गांव से 100 किलोमीटर दूर जोधपुर में आ गया। यहां अपनी विवाहिता बहन के पास रहने लगा। पिछले चार-पांच साल से वहीं रहकर वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। भाई ने यह भी बताया कि माडाराम की कोचिंग फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में मां ने अपने गहने गिरवी रखकर पैसा लिया। फिर भी खर्च नहीं निकल सका तो एक खेत भी बेचना पड़ा।

छोटे भाई माड़ाराम की मौत का समाचार सुनकर पाली से जयपुर पहुंचा बड़ा भाई प्रकाश रो पड़ा। उसे विधायक खुशवीर सिंह ने धैर्य बंधाया।
छोटे भाई माड़ाराम की मौत का समाचार सुनकर पाली से जयपुर पहुंचा बड़ा भाई प्रकाश रो पड़ा। उसे विधायक खुशवीर सिंह ने धैर्य बंधाया।

भाई ने बताया कि पूरे परिवार का सिर्फ एक ही सपना था कि माड़ाराम का सरकारी नौकरी पाने का सपना पूरा हो। इसमें पहला सपना था कि वह आर्मी में जाए या फिर पुलिस की नौकरी में। खाकी से माड़राम को बहुत लगाव था। इसलिए उसकी इच्छा भी वर्दी पहनने की थी।

एलिवेटेड रोड पर कार की टक्कर के बाद पुलिया से उछलकर पैदल चल रहा माडाराम सड़क पर बनी दुकान की टीनशेट से टकराया। फिर छत पर आ गिरा।
एलिवेटेड रोड पर कार की टक्कर के बाद पुलिया से उछलकर पैदल चल रहा माडाराम सड़क पर बनी दुकान की टीनशेट से टकराया। फिर छत पर आ गिरा।

ट्रेन में बैठकर जोधपुर से जयपुर पहुंचा, फिर रास्ता पूछते हुए पैदल परीक्षा केंद्र तक जाने लगा

माड़ाराम गुरुवार रात को जोधपुर से ट्रेन में बैठकर जयपुर के लिए रवाना हुआ था। यहां शुक्रवार सुबह रेलवे स्टेशन पहुंचा। उसे दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र तक पहुंचना था। जयपुर से अनजान माड़ाराम अकेला ही लोगों से पता पूछते हुए सोडाला की तरफ जाने के लिए पैदल-पैदल एलीवेटेड रोड पर चढ़ गया। वह तेज घुमाव वाले कट से आगे निकला। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार ऑडी कार ने उसे टक्कर मार दी।

एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर कार्रवाई करती पुलिस। यहीं पर भाई प्रकाश ने कार चालक नेहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया।
एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर कार्रवाई करती पुलिस। यहीं पर भाई प्रकाश ने कार चालक नेहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया।

पहले टीनशेड से टकराया, फिर दुकान की छत पर आकर गिरा माड़ाराम

माड़ाराम पुलिया से उछलकर करीब 30 फीट से ज्यादा दूर सड़क पर बनी एक दुकान के टीनशेड से टकराया। इसके बाद वहां से वह दाे मंजिला ऊंची छत पर आकर गिरा। हादसे के बाद कार एलिवेटेड रोड पर बिजली पोल से टकराकर रुक गई। लेकिन पोल टूटकर अजमेर रोड पर गिर गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दुकानदार राजेश के मोबाइल नंबर पर फोन कर उसे बुलाया। फिर एक अन्य दुकानदार की मदद से ताला खुलवा कर छत पर पड़ी माड़ाराम की लाश को उठवाया। मौके पर 108 एंबुलेंस भी पहुंची। लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने शव उठाने से मना कर दिया।

छत पर पड़ा माडाराम शव। शव को ऑटोरिक्शा से ले जाना पड़ा। क्योंकि एंबुलेंस कर्मियों ने लाश ले जाने से इंकार कर दिया।
छत पर पड़ा माडाराम शव। शव को ऑटोरिक्शा से ले जाना पड़ा। क्योंकि एंबुलेंस कर्मियों ने लाश ले जाने से इंकार कर दिया।

एंबुलेंस ने शव ले जाने से मना किया तो ऑटोरिक्शा में रखकर शव ले जाना पड़ा

तब ऑटोरिक्शा में माड़राम की लाश को रखकर एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी ले जाया गया। पुलिस की सूचना पर उसके गांव से भाई प्रकाश सहित कई रिश्तेदार जयपुर पहुंचे। यहां पाली से विधायक खुशवीर सिंह जोजावत ने भी उनका हाल जाना। साथ ही, एसएमएस अस्पताल व दुर्घटना थाने पहुंचकर पुलिस अफसरों से बातचीत की। परिजनों को धैर्य बंधाया। इस संबंध में प्रकाश ने कार चला रही नेहा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। दुर्घटना थाना दक्षिण केस की जांच करेगी।