पुजारी हत्याकांड:बूकना में पुजारी को जिंदा जलाने का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
बूकना ग्राम पंचायत में तीन दिन पूर्व मंदिर माफी जमीन विवाद के विवाद में करीब छह लोगों द्वारा मंदिर पुजारी को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने के मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार शाम 6 बजे पुजारी का शव जयपुर से आने के बाद धर्म का हवाला देकर रात में अंतिम संस्कार नहीं किया गया।
पुलिस प्रशासन हाथरस कांड से भयभीत होकर परिजनों से अंतिम संस्कार के लिए समझाइश करता रहा। पुजारी के परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात किए हैं। इस हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को जिलेभर के विभिन्न संगठनों की ओर से हत्यारों का जल्द गिरफ्तार करने तथा पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। प्रशासन की ओर से मांगें मानने के आश्वासन के बाद पुजारी का शव लेने के लिए तैयार हुए।
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि बूकना में पुजारी को जिंदा जलाने की घटना को गंभीरता से लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाशचंद के निर्देशन में वृत्ताधिकारी कैलादेवी महावीर सिंह मीणा के नेतृत्व में सपोटरा थानाधिकारी हरजीलाल यादव, कैलादेवी के दामोदर सिंह, लांगरा के देवेन्द्र कुमार शर्मा एवं उपनिरीक्षक अजीत सिंह की 6 अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था।
पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर मुख्य आरोपी कैलाश पुत्र काडू मीणा निवासी बूकना को घटना के 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। शेष आरोपियों की डीएसटी टीम के साथ अलग-अलग टीमें तलाश कर रही हैं।

सीएम ने ट्वीट किया : ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं
बूकना में पुजारी को जिंदा जलाने की घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि सपोटरा में बाबूलाल वैष्णव की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है, सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नही है। उन्होंने प्रदेश सरकार को पीड़ित परिवार के साथ बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का भरोसा दिया है।
पूर्व मंत्री व विधायक रमेशचंद मीणा ने भी ट्वीट कर शेष आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा व आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया है। विधायक रमेशचंद मीणा ने बताया कि बूकना कांड की मुख्यमंत्री से वार्ता हो चुकी है। उन्होंने मृतक के परिजनों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया है तथा लोगों से किसी के बहकावे में नहीं आने की नसीहत दी है।
आरोपियों के घर सन्नाटा, महिलाएं घरों में दुबकी
बूकना गांव में पुजारी को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने के आरोपियों के घर जहां सन्नाटा पसरा रहा, वहीं पीड़ित परिवार में कोहराम मचने के साथ समूचे गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। आरोपी परिवार के पुरुष घर से लापता है तथा वहीं महिलाएं घर में दुबकी हुई हैं।
मृतक पुजारी के 6 पुत्रियां तथा एक पुत्र हैं। उसकी 6 पुत्रियों में से 5 की शादी हो चुकी है, जबकि एक पुत्री परित्यागता होने के कारण पुजारी के साथ रह रही है तथा एक पुत्र देशराज का पूर्व में विवाह हो चुका था, लेकिन मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण उसकी पत्नी पीहर चली गई। ऐसे में तंगहाली में जीवनयापन कर रहे परिवार की जिम्मेदारी विधवा पुजारिन पर होने से परिवार के लालन पालन का संकट उत्पन्न हो गया है।
अतिरिक्त कमिश्नर ने सभी मांगें मानी, तब लिया परिवार वालों ने शव
पुजारी बाबूलाल वैष्णव को जिंदा जलाने की घटना से आक्रोशित परशुराम सेना के प्रमुख अनिल चतुर्वेदी, सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा, अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पंकज थोई, विप्र फाउंडेशन के युवा के प्रदेशाध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा, मीणा समाज के नेता आशाराम, फाइट फोर राइट के सुनील, वैष्णव समाज के प्रदेशाध्यक्ष बलवंतराय वैष्णव व सवाई जिलाध्यक्ष रघुनाथ वैष्णव के नेतृत्व में एसएमएस मोर्चरी के बाहर शव लेने से मना कर दिया।
इस पर अतिरिक्त कमिश्नर राहुल प्रकाश से वार्ता के दौरान 24 घंटे में थाना प्रभारी को हटाने, पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा व सरकारी नौकरी तथा सुरक्षा देने के आश्वासन पर शव लिया।

6 टीमें कर रही है आरोपियों की तलाश
बूकना में पुजारी को जिंदा जलाने के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और एक संदिग्ध व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 6 टीमें गठित की गई हैं। पीड़ित पुजारी के परिजनों की सुरक्षा के लिए चार पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं तथा पीड़ित परिवार की मांग पर मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक हिंडौन सिटी किशोरी लाल महरानियां के सुपुर्द की है। धारा 302 में मामला दर्ज कर लिया गया है। मृदुल कच्छावा, पुलिस अधीक्षक, करौली
यह था विवाद, जिसने ली जान
ग्राम पंचायत बूकना में मृतक बाबूलाल पुत्र पून्या वैष्णव का परिवार करीब 184 साल पूर्व निर्मित श्री राधागोपाल मंदिर की पूजा अर्चना करता आ रहा है। गांव के 100 परिवारों ने पुजारी के परिवार के भरण पोषण के लिए राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार 9 बीघा 19 बिस्वा भूमि मंदिर माफी दी थी। जिस पर खेती कर पुजारी का परिवार गुजर बसर करता आ रहा है। मृतक पुजारी ने मंदिर माफी की 6 बीघा 6 बिस्वा जमीन से सटे खसरा नं. 1232/1 रकबा 17.11 बीघा सिवायचक पहाड़ पर है। जहां उसका वर्तमान में आवासीय कच्चा घर है।
पहाड़ से बरसात का पानी आने के कारण एक माह पूर्व जेसीबी से जमीन को समतल किया था। जिस पर आरोपी कैलाश, शंकर व नमो पुत्र काडू मीणा ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। जिस पर पुजारी ने 15 दिन पहले सरपंच इंद्र बाई के पति घनश्याम और लालाराम, हरिप्रसाद, रामश्री, प्रहलाद तथा सन्ना पटेल आदि के नेतृत्व में पंचायत कराई थी।
इसमें पंच-पटेलों ने भंबल मीना से राधे के मकान के बीच पुजारी के के सिवाय किसी भी दूसरे व्यक्ति को मकान, बाड़ा आदि का निर्माण नहीं करने का फरमान सुनाया था। लेकिन आरोपी पक्ष कैलाश मीणा सहित आधा दर्जन लोगों ने जबरन पुजारी के बाड़े पर कब्जा कर छप्परपोश तानने लग गए। जिसका 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे आरोपियों को उलाहना देने पर पुजारी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिसको सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराने पर उसे जयपुर रेफर कर दिया। गुरुवार शाम 6:30 बजे जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।


