उत्सव की कवायद स्कूल खुले अब वार्षिकोत्सव की बारी, सरकारी स्कूलों में 20 फरवरी से 20 मार्च तक होंगे आयोजन

उत्सव की कवायद स्कूल खुले अब वार्षिकोत्सव की बारी, सरकारी स्कूलों में 20 फरवरी से 20 मार्च तक होंगे आयोजन

कोरोनाकाल के लंबे इंतजार के बाद अब बच्चों के लिए फिर से स्कूल खोल दिए गए हैं। स्कूलों के खुलने के साथ ही अब निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रोत्साहन एवं प्रतिभाओं को निखारने के लिए वार्षिकोत्सव की कवायद शुरू हो गई है। राज्य परियोजना निदेशक एंव आयुक्त डाॅ भंवर लाल की ओर से जारी आदेशों में स्कूलों में वार्षिकोत्सव की शुरूआत इस वर्ष 20 फरवरी से 20 मार्च के बीच होगी। इसके लिए प्रति स्कूल 10 हजार रुपए का बजट मिलेगा। अगर ज्यादा खर्च होता है तो भामाशाहों की मदद ले सकेंगे।

इस आयोजन में कोरोनाकाल में ऑनलाइन शिक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के साथ प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा। जिला, ब्लाॅक एवं पंचायत स्तर पर होने वाले इस आयोजन में भामाशाहों एवं दानदाताओं को प्रेरित करने के साथ माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों, कस्तूरबा गांधी स्कूलों एवं स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूलों के लिए प्रति स्कूल 10-10 हजार रुपए का बजट उपलब्ध कराया जाएगा। समारोह में विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, भामाशाह, दानदाता, समाजसेवी, पूर्व छात्र, सीएसआर कंपनियों के प्रतिनिधि, एसएमसी-एसडीएमसी के सदस्य, अभिभावक, प्रतिष्ठित व्यक्ति, सामाजिक मुखिया आदि को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करना होगा।

आयोजन के लिए मिलेगा 10 हजार का बजट
स्कूलोें में वार्षिकोत्सव के आयोजन को लेकर स्कूल के लिए 10 हजार का बजट मिलेगा। उपलब्ध कराई गई एंव जुटाई गई इस राशि का उपयोग समारोह के सफल आयोजन के लिए मुद्रण कार्य, मंच साज-सज्जा, टेंट व्यवस्था, साउण्ड सिस्टम, वीडियो-फोटोग्राफी, बैठक व्यवस्था, जलपान के साथ बच्चाें के लिए पुरस्कार हेतु शील्ड, स्मृति-चिन्ह पर किया जाएगा।

त्रि-स्तरीय कमेटियों का होगा गठन, जिम्मेदारियां होंगी तय

आदेश के अनुसार उत्कृष्ट, ग्रामीण एंव शहरी आदर्श स्कूलों में वार्षिकोत्सव एंव पुरस्कार वितरण समारोह के लिए जिला, ब्लाॅक एंव पंचायत स्तर पर त्रि-स्तरीय आयोजन समितियों का गठन किया जाना है। आयोजन में तीनों कमेटियां माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के कार्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) सेक्शन द्वारा आयोज्य एल्युमिन मीट (पूर्व विद्यार्थी मंच) के समस्त उत्तरदायित्वों का भी निर्वहन करेंगी।
जिला स्तर
जिला स्तरीय 15 सदस्यीय समिति मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी। यह समिति राज्य परिषद से प्राप्त समारोह की राशि को संबंधित स्कूलों के एसडीएमसी या एसएमसी खातों में स्थानांतरित करेगी।
ब्लाॅक स्तर

ब्लाॅक स्तर पर 11 सदस्यीय समिति मुख्य ब्लाॅक शिक्षाधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करने के साथ ब्लाॅक स्तर पर निर्मित विस्तृत कार्य योजना को समस्त शहरी आदर्श स्कूल संस्था प्रधान एंव समस्त पीईईओ के साथ साझा करेगी।

पंचायत स्तर

पंचायत स्तर पर 10 सदस्यीय समिति संबंधित ग्राम पंचायत के पदेन पंचायत प्रारम्भिक शिक्षाधिकारी की अध्यक्षता में समारोह के लिए स्थान का चयन करने के साथ भामाशाह, दानदाता एंव जनप्रतिनिधियों से सहयोग प्राप्त कर कार्यक्रम को अधिक से अधिक प्रभावी एंव सफल बनाने का प्रयास करेगी।