आयुष्मान भारत याेजना:सरकार का फोकस चिरंजीवी याेजना पर, नतीजा... 21 प्रतिशत गरीबाें के ही आयुष्मान कार्ड बन पाए
आयुष्मान भारत याेजना में गरीबाें काे देशभर में सरकारी और अनुबंधित अस्पतालाें में 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज मिल सकेगा। लेकिन प्रदेश सरकार का मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा याेजना पर फाेकस हाेने के कारण चिकित्सा विभाग जिले में 14.23 लाख गरीब लाेगाें में से मात्र 21 प्रतिशत की केवाईसी कर आयुष्मान कार्ड बना पाया है।
चिरंजीवी याेजना से जिले में 76.55 प्रतिशत परिवाराें का रजिस्ट्रेशन हाे चुका है और 1.76 लाख ऐसे परिवार याेजना से वंचित हैं, जिन्हें 850 रुपए भुगतान कर रजिस्ट्रेशन कराना है। चिकित्सा विभाग के अनुसार आयुष्मान भारत याेजना के अंतर्गत सिर्फ एनएफएसए में शामिल बीपीएल परिवार, पंजीकृत श्रमिक और भूमिहीन परिवार शामिल हैं,
लेकिन सामान्य परिवाराें के इलाज की व्यवस्था नही की गई है। अब 31 मार्च तक चिकित्सा विभाग काे वंचित 11.23 लाख परिवाराें का रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य हासिल करने पर फाेकस है। एएनएम और आशा सहयाेगिनी आयुष्मान भारत याेजना के एप से घर-घर जाकर रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं।
जिलेभर में आयुष्मान भारत याेजना के अंतर्गत कार्ड बनाने का काम लगातार किया जा रहा है। एएनएम और आशा सहयाेगिनी घर-घर जाकर याेजना में पात्र लाेगाें की आधार कार्ड से ऑनलाइन केवाईसी कर रजिस्ट्रेशन कर रही हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद आयुष्मान चिरंजीवी कार्ड जनरेट हाे जाएगा, जिससे केवाईसी कराने वाले व्यक्ति देशभर में इलाज के लिए पात्र हाेंगे। हमें 31 मार्च तक शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य हासिल करना है। प्रदेश में इसे चिरंजीवी याेजना में ही कवर किया जाएगा।
Naresh Chouhan 

