जयपुर ब्लास्ट के आतंकियों को फांसी की सजा सुनाने वाले रिटायर्ड जज की जान को खतरा

जयपुर ब्लास्ट के आतंकियों को फांसी की सजा सुनाने वाले रिटायर्ड जज की जान को खतरा

जयपुर: में 13 मई 1998 को हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस के चार आतंकियों को पिछले साल फांसी की सजा सुनाने वाले रिटायर्ड जज अजय कुमार शर्मा की जान काे खतरा है। उन्होंने खुद यह आशंका जताते हुए अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर डीजीपी भूपेन्द्र सिंह को पत्र लिखा है। कहा है कि आईबी की रिपोर्ट के अनुसार उन्हें व उनके परिजनों से आतंकी समूह कभी भी बदला ले सकते हैं। यह भी सूचना मिली है कि पुलिस लाइन के अधिकारी उनकी मौजूदा सुरक्षा हटाने जा रहे हैं। यदि सुरक्षा हटाई जा रही है तो उसे बरकरार रखा जाए।

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रिटायर्ड जज ने पत्र में लिखा कि घर के बाहर संदिग्ध लोग बाइक से चक्कर लगा रहे हैं और घर पर शराब की खाली बोतलें फेंकी गई हैं। घर की फोटोग्राफ भी ली गई हैं। आतंकी समूह खतरनाक हैं और उनके व परिजनों के साथ कुछ भी कर सकते हैं। पत्र में जज नीलकंठ गंजू का हवाला देते हुए लिखा है कि उन्होंने आतंकी मकबूल भट्ट को 1984 में मौत की सजा सुनाई थी लेकिन उसके बाद आतंकियों ने 2 अक्टूबर 1989 को जज गंजू को सरेआम मार दिया।

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उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे निजी तौर पर सुरक्षा गार्ड रख सकें और उनका कसूर केवल इतना है कि उन्होंने चार खूंखार आतंकियों को मृत्यु दंड की सजा दी है। अभी निर्णय की पुष्टि भी हाईकोर्ट से नहीं हो पाई है। ऐसे में जज व उनके परिजनों को सुरक्षा देने का दायित्व राज्य सरकार का है।