चंबल पेयजल योजना:बिना मंजूरी के 6 महीने में ही खोद डालीं 28 सड़कें, अब 125 गांवों के लोग परेशान
चंबल पेयजल योजना की लाइन डालने के लिए इंजीनियरों ने बगैर मंजूरी लिए पिछले 6 महीने में 28 सड़कें खोद डालीं। अब तक मरम्मत नहीं होने से करीब 125 गांवों के लोग परेशान हैं। जब ये सड़कें खोदी जा रही थीं, तब तो सार्वजनिक निर्माण विभाग के इंजीनियर सोते रहे। अब चंबल प्रोजेक्ट स्कीम के इंजीनियरों को 36.22 लाख रुपए का एस्टीमेट बनाकर क्षतिपूर्ति राशि मांगी है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अमर चंद मीना का कहना है कि विभाग की बगैर स्वीकृति के सड़कों को ताेड़ना गलत है। हमने चंबल प्रोजेक्ट वालों को इन सड़कों की मरम्मत के लिए 36 लाख 22 हजार 679 रुपए का तकमीना बनाकर भेजा है। नियमानुसार कोई भी काम शुरू करने से पहले सड़क तोड़ने के लिए विभाग की स्वीकृति जरूरी है। चंबल प्रोजेक्ट वालों को क्षतिपूर्ति राशि सरकार के खाते में जमा करानी होगी। अगर अब किसी भी विभाग ने बगैर मंजूरी सड़कें खोदीं तो संबंधित अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। इस संबंध में हमने जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखा है।
इधर, चंबल प्रोजेक्ट के एक्सईएन अशोक अग्रवाल का कहना है कि चंबल पेयजल की पाइप लाइन बिछाने के लिए कुछ सड़कों को तोड़ना जरूरी था। जहां बहुत जरूरत थी, हमने वहीं सड़कें खोदी हैं। अब आगे से संबंधित विभाग से स्वीकृति ले ली जाएगी। उनकी वजह से जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी मरम्मत शुरू करवा दी गई है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन की ओर से भेजा गया तकमीना भी मिल गया है। जल्द ही एस्टीमेट की राशि जमा करवा दी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों की ये सड़कें हैं खराब
मलाह से अघापुर रोड, राम नगर दो मोरा से ऊंचा गांव रोड, उच्चैन रोड से सुखावली तेरहा, सेवर से चितौकरी रोड, ततामढ़ तेहरा से माढौनी रोड, नेशनल हाइवे से घसोला रोड, नेशनल हाइवे से नगला खोरी रोड, नेशनल हाइवे से बहनेरा रोड, रूपवास रोड से दारापुर खुर्द रोड, रूपवास रोड से दारापुर कलां रोड, नगला पंजाबी से अघापुर रोड, नगला पंजाबी से नगला बंजारा रोड, डीपीएस स्कूल से धर्मपुरा रोड, महुआ से टांडा रोड, नेशनल हाइवे से महुआ रोड, महुआ से घोर रोड, कुम्हेर रोड से चक भांडोर रोड, हाइवे से हबिपुर रोड, मथुरा रोड से हथैनी बाया धौरमुई रोड, अछनेरा रोड, बछामदी से नगला बरताई रोड, चिकसाना रोड से ठेई रोड, भरतपुर से सौंख रोड, सैंथरा से जाटौली रथभान रोड, हथैनी से नौगाया रोड, नोंह-नौगाया से पीपला रोड, जिरौली से हथैनी रोड।
हर वक्त बना रहता है दुर्घटना का अंदेशा
इन सड़कों के टूटने से हर समय दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। क्योंकि इन पर बड़े-बड़े गड्ढे होने और उनमें पानी भरा रहने से वाहन पलटने का खतरा रहता है। कई बार कुछ वाहन तेजी में भी आते हैं। रात के वक्त अंधेरे की वजह से गड्ढे दिखाई नहीं पड़ते हैं।


