सरसों-गेहूं की फसल को नुकसान: विक्षोभ से पूर्वी राजस्थान में प्रभावी क्षेत्र बनने से भरतपुर जिले में ओलावृष्टि, मंगलवार को भी मौसम नरम रहेगा

सरसों-गेहूं की फसल को नुकसान: विक्षोभ से पूर्वी राजस्थान में प्रभावी क्षेत्र बनने से भरतपुर जिले में ओलावृष्टि, मंगलवार को भी मौसम नरम रहेगा

पश्चिमी विक्षोभ के साथ ही पूर्वी राजस्थान में प्रभावी क्षेत्र बनने से मौसम नरमा गया। इसके चलते यहां बादल छा गए और बयाना, वैर और भुसावर क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। बयाना के खरैरी क्षेत्र में करीब 15 मिनट तक चना-मटर की साइज के ओले गिरे। इसके अलावा भुसावर में भी ओले गिरे हैं। यह स्थिति मंगलवार को भी रह सकती है।

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मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार भरतपुर, दौसा, अलवर, सीकर, जयपुर, नागौर जिलों और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं भरतपुर, दौसा, सीकर और जयपुर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश/ बिजली गिरने और ओलावृष्टि होने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञ आरके सिंह का कहना है कि एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इस कारण इंड्यूस सिस्टम बन गया। इस कारण मौसम में नरमी आई है। सोमवार को कई दिन बाद दिन के तापमान में 1.7 डिग्री की गिरावट आई है।

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अधिकतम तापमान 33 डिग्री रिकार्ड किया गया। इसी के साथ पिछले साल मार्च की गर्मी का रिकार्ड भी टूट गया। इसके उलट रात के तापमान में 3.5 डिग्री की बढ़त हुई है। न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री पहुंच गया। वहीं हवा की गति एक किलोमीटर प्रतिघंटा तथा आर्द्रता 56 प्रतिशत दर्ज की गई।

भुसावर में ओले गिरे, जगह-जगह पानी भरा
भुसावर में अचानक मौसम ने अपना मिजाज बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश प्रारंभ हो गई। ओलावृष्टि होने से किसानों के चेहरों पर चिंता छा गई। क्षेत्र में जगह-जगह ओलों की चादर बिछ गई। भुसावर के निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।

बयाना। ओलों की मार से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।
बयाना। ओलों की मार से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है।

बयाना में ओलों से फसल को नुकसान
बयाना कस्बा सहित उपखंड क्षेत्र के कई गांवों में सोमवार शाम मौसम ने अचानक पलटा खाया शाम करीब 4 बजे अचानक बादल घिर आए और देखते ही देखते ओलों की बरसात शुरू हो गई। कस्बे के अलावा उपखंड के गांव खरैरी, बागरेन, सिंघाड़ा, ब्रह्मबाद, सिकंदरा आदि में 10 से 15 मिनट तक ओलों की बारिश हुई। गांव खरैरी, बागरैन में तो बिना पानी के सूखे ओले बरसे।

खड़ी फसल को नुकसान
खरैरी सरपंच प्रतिनिधि वीरेंद्र सिंह जादौन, सत्यवीर ठाकुर ने बताया कि गांव में करीब 15 मिनट तक 30 से 50 ग्राम तक के ओलों की बारिश हुई। इससे खेतों में खड़ी फसल नष्ट हो गई। वही पान की खेती में काफी ज्यादा नुकसान हुआ।

बारिश के बाद किसान अपने खेतों में फसल के नुकसान को देखने के लिए जुट गए। इसी तरह गांव बागरैन निवासी खूबीराम डागुर व सिंघाड़ा निवासी माखन पंडित ने बताया कि अचानक आई ओलों की बारिश से खेतों में पकी खड़ी व कटी रखी सरसों की फसल में काफी नुकसान हुआ है। वहीं गेहूं की फसल भी बरसात के साथ आए तेज अंधड़ के कारण खेतों में गिर गई है किसानों ने बताया कि ओलों-बारिश से फसलों के दाने झड़ गए हैं वहीं गुणवत्ता पर भी खासा असर पड़ेगा। फसल के दाने ओलों की मार से झड़ गए हैं।