अजमेर जिले में अब तक 13,053 कोरोना पॉजिटिव, 120 नए केस
अजमेर जिले में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो चुका है। सोमवार को 120 नए केस सामने आने के साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या 13,053 पहुंच गई। वहीं, 2 मरीजों की उपचार के दौरान जेएलएन में मौत हो गई। अब तक 316 मरीज कोरोना से दम तोड़ चुके हैं।
चिकित्सा विभाग की ओर से जारी जिलास्तरीय सूची में केवल 73 नए कोरोना मरीज और एक मौत बताई गई है। दूसरी ओर, विभाग की ओर से शहर में कोरोना जांच में लापरवाही बरती जा रही है। पहले जहां शहर की 10 डिस्पेंसरियों में नियमित कोरोना संदिग्धों की जांच की जा रही थी, वहीं अब केवल जेएलएन में ही सैम्पल लिए जा रहे हैं। जेएलएन मेडिकल कॉलेज में साेमवार काे 835 संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे।
निगेटिव को पॉजिटिव बताया, जितेंद्र की जगह कमलकांत के नाम से मैसेज
जेएलएन में कोरोना जांच में लगातार सामने आ रही है लापरवाही
जेएलएन अस्पताल में कोरोना जांच में बड़ी लापरवाही सामने आ रही हैं। सोमवार को 10 लोगों को निगेटिव होने का मैसेज भेज दिया, जबकि बाद में उन्हें सीएमएचओ कार्यालय से फोन कर बताया गया कि वे पॉजिटिव हैं। ऐसे में वे पूरी दिन गफलत में रहे। सबसे बड़ी बात ताे यह है कि कुछ संदिग्धाें ने फिर से जांच करवाई ताे पर्ची काटी गई उनके नाम से लेकिन मैसेज किसी और नाम से उनके माेबाइल पर आया।
वैशाली नगर मानसराेवर काॅलाेनी निवासी जितेन्द्र सिंह ने रविवार काे अपनी काेविड जांच करवाई थी। रात काे मैसेज निगेटिव आया, लेकिन साेमवार सुबह सीएमएचओ कार्यालय से फाेन आया कि वह पाॅजिटिव है। जब नाम पूछा गया ताे अधिकारी ने कमलकांत बताया। जितेंद्र का कहना था कि नाम पता और माेबाइल नंबर वही है लेकिन नाम कमलकांत नहीं है।
पूरे दिन जितेंद्र और परिवार परेशान रहे कि वह पाॅजिटिव है या निगेटिव। रात में ही जितेंद्र ने दोबारा जांच कराई तो मोबाइल पर जितेंद्र की जगह जोगेंद्र सिंह नाम से मैसेज आया। इसी प्रकार गुंजन की जगह राजकुमार, अनीश की जगह सूरज, आशु की जगह एक अन्य के नाम से फोन किया गया।


