फ्लाइंग किस: ये पक्षियों का प्रजनन काल, हवा में 4 फुट पर उड़ता बगुलों का जोड़ा कर रहा प्रेम का इजहार
मौसम में गर्माहट के साथ ही केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी घना उद्यान में 20 से ज्यादा स्थानीय प्रजाति के हजारों परिंदे अपनी वंशवृद्धि में जुट गए हैं। इनमें ईग्रेट यानी बगुले बड़ी संख्या में हैं। क्योंकि यह पक्षियों का प्रजनन काल है, इसलिए एक-दूसरे को रिझाने के लिए नर और मादा पक्षी तमाम कई जतन करते हैं।
जैसे चोंच से चोंच लड़ाना, पंखों को फैलाना, मादाओं के लिए नरों की लड़ाई और नीड़ की तलाश आदि। इनकी ये गतिविधियां पर्यटकों को काफी लुभाती हैं। बगुले आम तौर पर छिछले पानी से घिरे बबूल के पेड़ों पर आशियाना बनाते हैं। ये मई-जून में अंडे देंगे और अगस्त-सितंबर तक इनके बच्चे बड़े हो जाएंगे। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर नवीन शर्मा ने कई घंटों की मशक्कत के बाद करीब 4 फुट ऊंचाई पर चोंच में चोंच फंसाकर प्रेम का इजहार कर रहे मीडियम ई-ग्रेट के की फ्लाइंग किस का यह फोटो घना उद्यान के एल ब्लाक में कैद किया।
घना में इन दिनों कई जगह हो रही नेस्टिंग
केवलादेव घना उद्यान में इन दिनों ड्राई एऱिया समेत मैन गेट से बैरियर तक शांति कुटीर के पीछे, सीताराम बाबा की बगीची और कोला डहर इलाके में नेस्टिंग चल रही है। यहां करीब 20 प्रजाति के हजारों परिंदे मैटिंग कर रहे हैं। बसंत के साथ शुरू हुआ इनका प्रजनन काल जून-जुलाई तक चलेगा। इनमें ई-ग्रेट, तोता, किंगफिशर, कबूतर, सनवर्ड, मैना, हाउस स्पेरो, रेड वाटर लेपिंग, कापर स्मिथ, ब्राउन हेडेड स्मिथ, वुडपैकर, लार्क पिपट, हप्पू, तीतर, डब, ग्रे हेरोन, वारवेट, परपल हेरोन, हार्न बिल हैं।


