किसका पलड़ा भारी रहेगा?:स्थगन प्रस्ताव पावरफुल या बहस ! आज तय होगी भाजपा या सरकार की जीत-हार

किसका पलड़ा भारी रहेगा?:स्थगन प्रस्ताव पावरफुल या बहस ! आज तय होगी भाजपा या सरकार की जीत-हार

विधानसभा में फाेन टैपिंग पर स्थगन की जगह खुली बहस बुधवार काे प्रश्नकाल के तुरंत बाद 12 बजे से हाेगी। इसमें किसका पलड़ा भारी रहेगा? क्या निष्कर्ष निकलेगा? यह ताे बहस और राज्य सरकार के जवाब के बाद तय हाेगा। हालांकि इस मामले में स्थगन लगाने वाले बीजेपी नेता राजेंद्र राठाैड़ और कालीचरण सराफ काे सदन में बाेलने का माैका मिलेगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां भी अपनी बात रख सकते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि मंगलवार को बीजेपी के सराफ और राठौड़ ने स्थगन प्रस्ताव के वक्त किसी का नाम नहीं लिया था। अब क्या बुधवार को खुली बहस में बीजेपी किसी नेता का नाम लेंगी कि उन नेता का फोन टैप करवाया गया? मंगलवार को नाम नहीं लेने से ही पूरे दिन टकराव चला। शाम को स्पीकर और बीजेपी में बुधवार को फोन टैपिंग पर बहस कराने के लिए सुलह हो गई।

देखना होगा कि स्थगन प्रस्ताव पावरफुल है या बहस! स्थगन में तो सिर्फ दो विधायक ही बोले पाते और मंत्री का जवाब देना भी जरूरी नहीं था, लेकिन अब बुधवार की खुली बहस में तो बीजेपी के हमलावर विधायक भी पहले से दुगुने होंगे और बहस भी खुली होगी, जिसमें टकराव किसी भी स्तर पर पहुंच सकता है।

कई नाम सामने लाने की जुगत में बीजेपी-कांग्रेस के नेता
फाेन टैपिंग के मामले में बीजेपी-कांग्रेस के नेता चाहते है कि कई नाम सामने आ जाएं। राजनीतिक गुटबाजी और कलह इसकी वजह है। दाेनाें ही पार्टी के नेताओं के नाम आएंगे। बीजेपी की ओर से कांग्रेस नेताओं के नाम सामने लाने की तैयारी है। सांठगांठ के आराेप लगे ताे बीजेपी नेता का नाम भी संभव है।

सीएम गहलोत ने आज फिर दोहराया पिछले अगस्त में दिया बयान
सीएम अशोक गहलोत ने फोन टैपिंग पर पिछले साल दिए बयान को आज फिर दोहरा दिया। बोले- मुझ पर विपक्ष आरोप लगा रहा है कि मुख्यमंत्री हमारे फोन टेप करवा रहा है। अरे मैं स्वयं केंद्र पर पूरे देश को डराने का आरोप लगाता हूं। फिर सीएम होकर कैसे इललीगल सर्विलांस करवा सकता हूं। बताइए आप? इसलिए मैंने कहा, ‘कुछ लोगों ने कहा है कि आपके घर पर टेप बन गई, सीएम ऑफिस में टैप बन गई, उन्होंने रिलीज़ की है’, मैंने कहा तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा अगर प्रूव कर दें तो।

चीफ मिनिस्टर ऑफिस से ऑडियो टैप जारी करने के सवाल पर बोले-यह काम सीएम ऑफिस से होता भी नहीं है, ये अगर उनको लगता है कि हमने षड्यंत्र करके टेप फर्जी टेप बनाई है, तो मैं राजनीति छोड़ सकता हूं। मुझे क्या अधिकार है कि मैं झूठी टेप बनवाऊं ? सरकार बचाने के लिए यदि मैं ऐसा करता हूं तो मेरा क्या मॉरल अधिकार है कि मैं सरकार में बना रहूं?

अब आगे क्या
फाेन टैपिंग मामले में राज्य सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा। इस मामले में बीजेपी के विधायक संतुष्ट नहीं हुए ताे सदन में मंगलवार की तरह बुधवार काे भी हंगामा या प्रदर्शन कर सकते है। ऐसा करके बीजेपी नेता देशभर में इस मामले काे और मजबूती से चर्चा में लाएंगे। इसकाे लेकर भी बीजेपी ने पूरी तैयारी कर रखी है।