बाघों का नामकरण हुआ: बाघिन एसटी-10 की बेटी का नामकरण, अब एसटी-22 के नाम से जानी जाएगी
सरिस्का में बाघिन एसटी-10 की बेटी काे एसटी-22 के नाम से नई पहचान मिली है। यह बाघिन 15 महीने की हाे चुकी है। सरिस्का के अधिकारियाें ने इसका नामकरण किया है। यह अपनी मां से अलग हाेकर नई टेरिटरी बना रही है। यह बाघिन पहली बार मां के साथ 29 मार्च 2020 काे कैमरा ट्रेप में दिखी थी। सरिस्का के वन संरक्षक व क्षेत्र निदेशक आरएन मीणा ने बताया कि इस बाघिन काे एसटी-22 की आईडी जारी की गई है।
वर्तमान में सरिस्का बाघ परियाेजना में शावक सहित 23 बाघ-बाघिन विचरण कर रहे हैं। एसटी-10 ने एसटी-11 व 12 काे जन्म दिया, जिनमें से 11 की माैत हाे गई थी। एसटी-12 अब तक दाे बार में 3-3 शावकाें काे जन्म दे चुकी है। उल्लेखनीय है कि सरिस्का में अब तक 28 बाघ-बाघिन हाे चुके हैं, जिनमें से 5 की माैत हाे चुकी है। सरिस्का प्रशासन ने एसटी-5 काे अभी तक लापता घाेषित किया हुआ है।


