राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल में 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को परीक्षा शुल्क में छूट का तोहफा
महिला अधिकारिता विभाग की ओर से रविवार को वेबिनार आयोजित की गई। वेबिनार में महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव डॉ. कृष्णाकांत पाठक ने कहा कि कौशल संवर्धन प्रशिक्षण शिक्षा सेतु याेजना के तहत राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल में 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को परीक्षा शुल्क में छूट का तोहफा दिया गया है।
इन छात्राओं से अब परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। महिला अधिकारिता निदेशालय और राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल ने इसके लिए एमओयू किया है। इसमें इंद्रा महला शक्ति प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन योजना शिक्षा सेतु के तहत 2020-21 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं व महिलाओं से प्रवेश शुल्क, आंशिक प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क, प्रायोगिक विषय शुल्क, अग्रेषण शुल्क, सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
यह शुल्क महिला अधिकारिता विभाग वहन करेगा। ड्रॉपआउट बालिकाओं और औपचारिक शिक्षा से वंचित महिलाओं को स्टेट ओपन स्कूल के जरिए माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। स्टेट ओपन स्कूल की ओर से रजिस्ट्रेशन के बाद 5 साल में परीक्षा के 9 अवसर दिए जाएंगे। बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त विषय शुल्क, टीओसी आवेदन पत्र ऑनलाइन करने का शुल्क छात्राओं को वहन करना होगा।
10वीं कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम 14 वर्ष और 12वीं कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम 15 वर्ष उम्र कोई भी बालिका रजिस्ट्रेशन करा सकती है। इसमें अधिकतम आयु सीमा नहीं है। वेबिनार में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता मीणा ने महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कहा कि महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 112 व 181 के साथ ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा सकती हैं।


