रणथंभौर अभयारण्य से एक और टाइगर के जल्दी ही धौलपुर वन क्षेत्र में आने की संभावना

रणथंभौर अभयारण्य से एक और टाइगर के जल्दी ही धौलपुर वन क्षेत्र में आने की संभावना

जिले की सरमथुरा रेंज में अब एक और टाइगर आने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। इसके आने के बाद यहां अब 5 टाइगरों की मौजूदगी हो जाएगी। अभी 4 टाइगर यहां हैं। इनमें 3 टाइगर पिछले 10 माह और एक टाइगर 8 माह से इस रेंज में डेरा डाले हुए हैं। नया टाइगर आने की उम्मीद से वन विभाग के अफसर उत्साहित हैं।

वन विभाग के अफसरों का कहना है कि रणथंभोर से कैलादेवी कॉरीडोर में टाइगर आना शुरू हुए तो वहां 10 साल में 6 टाइगर हुए थे। जबकि धौलपुर में 10 माह में ही 4 टाइगर हा़े गए हैं। इनमें 1 परिवार के सुल्तान, सुंदरी और उनका बच्चा टी 117 के बाद दूसरे बच्चे टी 118 भी रणथंभोर से अपने परिवार को ढूंढते हुए धौलपुर अपने परिवार से मिलने आ सकता है। जबकि धौलपुर में टी 116 भी इनके साथ विचरण कर रहा है।

इधर, कैलादेवी अभयारण्य में टी-92 सुंदरी की लोकेशन ट्रेस नहीं होने से वहां के वन अधिकारी अब तक खासे परेशान थे। लेकिन, उसकी धौलपुर में लोकेशन मिलने के बाद उन्होंने राहत महसूस की है। कलेक्टर आरके जायसवाल ने बताया कि टाइगर रिजर्व कॉरीडोर बनने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। नर और मादा टाइगर की धौलपुर के जंगलों में लंबे समय से मौजूदगी और यहां कुनबा बढऩे के संकेत सुखद हैं। रिजर्व कॉरीडोर और अन्य कामों के लिए चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को पत्र लिखा जाएगा।