सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की एसएलपी पर सुनवाई आज, इधर- चुनाव आयोग के निर्देश के इंतजार में निर्वाचन अधिकारी
जयपुर सहित जोधपुर व कोटा की नव सृजित छह नगर निगमों के चुनाव 31 अक्टूबर तक कराए जाने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की एसएलपी पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई ही जयपुर, जोधपुर व कोटा की छह नगर निगमों के चुनाव की तारीख का भविष्य तय करेगी।
हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट हनुमान चौधरी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से यदि राज्य सरकार को जल्द कोई राहत नहीं मिली तो उसे जयपुर, जोधपुर व कोटा की छह नवसृजित नगर निगमाें के चुनाव हाईकोर्ट के आदेश के पालन में 31 अक्टूबर तक ही कराने होंगे।
वहीं अधिवक्ता विकास सोमानी का कहना है कि जब सरकार पंचायत चुनाव करा रही है तो फिर निगम चुनाव में क्या दिक्कत आ रही है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कोरोना संक्रमण के हालातों का हवाला देते हुए तीनों जगह के नगर निगम चुनाव टालने की गुहार की है और कहा है कि ऐसे हालातों में नगर निगमों के चुनाव कराया जाना संभव नहीं है।
नगर निगम चुनाव मार्च से अदालत में अटके, हाईकोर्ट तीन बार बढ़ा चुका समय-सीमा
हाईकोर्ट ने 18 मार्च को आदेश जारी कर इन जयपुर, जोधपुर व कोटा की छह नगर निगमों के चुनाव 17 अप्रैल से आगामी छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दिए थे। वहीं अदालत ने 28 अप्रैल को इस अवधि को एक बार फिर 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने गत राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर 22 जुलाई के आदेश से एक बार पुन: चुनाव की तारीख बढ़ाते हुए 31 अक्टूबर तक चुनाव कराए जाने के लिए कहा था।
याचिकाकर्ता ने कहा पहले और अब हालात अलग-अलग
प्रार्थी दी बार एसोसिएशन जयपुर के महासचिव सतीश शर्मा कहते हैं- जयपुर में दो निगम बनाए जाने को चुनौती देते हुए समय पर निकाय चुनाव कराने के लिए पीआईएल दायर की थी। जयपुर, जोधपुर व कोटा की छह नगर निगमों के चुनाव पहले 5 अप्रैल को होने थे। लेकिन हाईकोर्ट ने 18 मार्च के आदेश से इन चुनावों को कोरोना संक्रमण के हालातों को देखते हुए छह सप्ताह के लिए टाल दिया था। बाद में भी चुनाव की तारीखें कोरोना के कारण बढ़ती रही। ऐसे में पूर्व व अब की परिस्थितयां अलग हैं और आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए चुनाव कराए जाने चाहिंए।
कलेक्टर बोले- हम तैयारी में जुटे, पोलिंग बूथ बढ़ाएंगे, 2 फेज में चुनाव की सिफारिश
राज्य सरकार की ओर से नगर निगम चुनाव 31 मार्च तक टाले जाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होने वाली है। लेकिन, जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अंतर सिंह नेहरा का कहना है कि हमारी चुनावी तैयारी पूरी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार चुनाव करवा दिए जाएंगे। आयोग द्वारा तय कार्यक्रम समय सारणी के अनुसार जिला निर्वाचन चुनाव प्रक्रिया पूरी करेगा। नेहरा का कहना है कि हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद से ही चुनावों को लेकर सक्रिय हो गए थे। आरक्षण लॉटरी निकाली जा चुकी है। मतदाता सूची प्रकाशित हो गई। मतदानकर्मियों की सूची भी तैयार हैं। वहीं, ईवीएम भी पंचायत चुनाव समाप्त होते ही तैयार कर लेंगे।
कोरोना है इसलिए 2 फेज में चुनाव चाहते हैं
शहर में कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला निर्वाचन ने निगम के चुनाव दो फेज में करने का निर्वाचन आयोग को सुझाव दिया है। पिछले दिनों राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर जिला प्रशासन से राय मांगी थी। शहर में 21लाख 61 हजार 719 मतदाता है। इनमें नगर निगम ग्रेटर में 12 लाख 28 हजार 911 और हेरिटेज में 9 लाख 32 हजार 808 मतदाता हैं।
2011 की जनगणना अनुसार आरक्षण की लॉटरी निकाली
नगर निगम हेरिटेज
कुल 100 वार्ड हैं। इसमें एससी 7 व एससी महिला के 4 वार्ड, एसटी 2 व एसटी महिला 1, ओबीसी 14 व ओबीसी महिला 7, सामान्य वर्ग 44 और सामान्य महिला वर्ग 21 वार्ड आरक्षित हैं।
नगर निगम ग्रेटर
कुल 150 वार्ड हैं। इसमें से एससी के लिए 15 व एससी महिला 7, एसटी 5 व एसटी महिला 2, ओबीसी 21 व ओबीसी महिला 11, सामान्य वर्ग 59, सामान्य महिला के लिए 30 वार्ड आरक्षित हैं।
1700 बूथ बढ़ाएंगे, 8500 कर्मचारी ज्यादा लगाएंगे
कलेक्टर नेहरा का कहना है कि कोरोना संक्रमणकाल में चुनाव के दौरान सोशल डिस्टेसिंग की पालना की जाएगी। इसके लिए 1700 मतदान केंद्र बढ़ाने और मतदानकर्मियों की संख्या 8500 की बढ़ोतरी करनी होगी। आयोग के अनुसार एक मतदान केंद्र पर 850 वोटर होंगे। जयपुर निगम क्षेत्र में 1941 मूल मतदान केंद्र हैं। इनके अलावा 1700 सहायक मतदान केंद्र और बनाए जाएंगे। इसमें नगर निगम ग्रेटर में 950 और नगर निगम हेरिटेज में 750 सहायक मतदान केंद्र शामिल है।


