फर्जी स्वास्थ्य अधिकारी बन बेरोजगार युवाओं काे नाैकरी का झांसा देकर लाखों ठगे
भीमगंजमंडी थाना पुलिस तीन दिन पहले जिस बनवारी बैरागी को गिरफ्तार किया था, वो असल में शातिर ठग निकला। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ व जांच में इसका खुलासा हुआ तो पुलिस अधिकारी भी हैरत में पड़ गए।
मामले में बैरागी द्वारा फर्जी स्वास्थ्य अधिकारी बनकर बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने व फर्जी एमआर बनकर कई मेडिकल स्टोर मालिकों से लाखों रुपए हड़पने के नए खुलासे हुए हैं। बैरागी ने राजस्थान सहित मध्यप्रदेश में भी ठगी की कई वारदातें की हैं। अब उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
भीमगंजमंडी सीआई हर्षराज सिंह खरेड़ा ने बताया कि केशवपुरा निवासी परिवादी मोहनलाल यादव ने अपनी शिकायत में कहा था कि बनवारी डडवाड़ा में किराए से रहता है। जिसने अपने आपको एमबीएस कोटा में रेजिडेंट डॉक्टर होना तथा ससुर स्वास्थ्य विभाग जयपुर में बड़ा अधिकारी बताया।
एमबीएस में एलडीसी के पद पर सरकारी नौकरी का झांसा देकर उसने यादव के दोनों बच्चों से 80 हजार रुपए व 5 हजार रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर लिए। पैसे लेने के बाद वो फरार हो गया। मामले में पुलिस ने 1 साल पहले होमगार्ड के जवान विक्रम निवासी महावीर कॉलोनी को उक्त मामले में बनवारी का साथ देने के मामले में गिरफ्तार किया था। बनवारी अब गिरफ्तार हुआ है।


