शरपुंखा जोझरु के औषधिय गुण ....!!!

शरपुंखा जोझरु के औषधिय गुण ....!!!
शरपुंखा जोझरु के औषधिय गुण ....!!!

#शरपुंखा  #Tephrosia_purpurea

यह समस्त भारत में,अधिकतर पथरीली भूमि में उत्पन्न होता है... शरपुंखा एक औषधीय पौधा हैं जो अब बहुत ही कम दिखाई देता हैं...यह एक झाडीदार पौधा हैं जो 2से 3 फीट तक ऊंचा दिखाई पड़ता हैं.. परिचय के अभाव में अधिकांश लोगों के लिए यह एक खरपतवार ही हैं...यह वनौषधि दो पुष्प भेद श्वेत व लाल मिश्रित बैगनी रंगों वाली होती है...इसमे श्वेत पुष्प वाला शरपुंखा बहुत ही कम मिलता हैं..।

मधुमेह की दवा इन्सुलिन प्लांट ...!! (यह भी पढ़ें)

शरपुंखा स्वाद में चरपरा, कसैला होता है यह खांसी, कृमिरोग, व्रण, यकृत रोग, किडनी रोग, प्लीहा रोग, बवासीर, कफ, बुखार, आस्थमा, न ठीक होने वाले घावों को जल्दी भरने सहित अनेक रोगों मे उपयोगी है...।

छुईमुई का पौधा..... व इसके लाभकारी गुण ...। (यह भी पढ़ें)

संस्कृत-शरपुंखा, प्लीहशत्रु, कण्ठपुंखिका, श्वेतपुंखा, कंठालु, कालिका, वाणपुंखा, नीलीवृक्षाकृति
हिन्दी-शरपुंखा, सरफोंका, सरफोका
उर्दू-सरभूखा 
उड़िया- कोलोथियापोखा, मोहिसियाको 
कन्नड़-फंकी , एम्पलि 
गुजराती-शरपंखो, उन्पंखो 
तमिल-कोलिंगी 
तेलुगु-विपलि 
बंगाली-बननील गाछ 
नेपाली-कांडे साकिनु 
पंजाबी-झोझरु 
मलयालम-कोलिन्नील  
मराठी-उन्हाली 
अंग्रेजी- (Wildindigo), (Fishpoison tree), 

शरपुंखा से जुड़ी कोई जानकारी हो तो अवश्य साझा करें...।