सपेरे से सांप को पकड़वाया, श्रृंगार का सामान रख पत्नी ने उसी सांप से मांगी सुहाग की जान

सपेरे से सांप को पकड़वाया, श्रृंगार का सामान रख पत्नी ने उसी सांप से मांगी सुहाग की जान

शहर से सटे दरियापुर की गौरव कॉलोनी में रहने वाले महेश और उसके पुत्र विनीत को रविवार सुबह एक सांप ने काट लिया। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय दिनभर भोपा (बायगीर) और तांत्रिकों के पास ले जाकर झाड़-फूंक करवाते रहे। लेकिन, दोनों की मौत हो गई। इस बीच, ग्रामीणों के कहने पर एक सपेरे ने उस सांप को पकड़ लिया, जिसने उन्हें काटा था।

अंधविश्वास की हद देखिए कि, इसके बाद मृतक की पत्नी ने श्मशान में ही उस सांप के सामने सिंदूर और सुहाग का सामान रखकर अपने पति और पुत्र की जिंदगी वापस मांगी। सांप ने जैसे ही उस सामग्री को सूंघा तो वहां मौजूद लोगों को लगा कि अब तो सांप मान गया है और मृतकों की जान जरूर बख्श देगा। फिर क्या था, लोग तुरंत सांप को पकड़कर चिता पर ले गए।

सांप को चिता पर छोड़कर उम्मीद करने लगे कि वह जल्दी से जाकर दोनों पिता-पुत्र का जहर वापस चूस ले। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। बल्कि सांप पलटकर वहां से भागने लगा। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने उस सांप को वहीं फन कुचलकर मार दिया।सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पिता-पत्र के शवों को चिता से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगे।

वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया और शवों को नहीं ले जाने दिया। फिर दोपहर लगभग 3 बजे सदर थाना पुलिस पुनः ज्यादा जाब्ते के साथ दरियापुर में पहुंची और सपेरे और बायगीरों को खदेडा। इसके बाद शवाें का पाेस्टमार्टम कराया।

अंतिम संस्कार से पहले फिर कराई झाड़फूंक
पिता-पुत्र के शवों का अंतिम संस्कार करने श्मशान घाट पहुंचे परिजनों को कुछ लोगों ने कहा कि चित्ताेरा गांव में एक झांडफूंक करने वाला तांत्रिक है, जाे इन्हें जिंदा कर देगा। यह सुनते ही परिजनों की आंखों में चमक आ गई और उन्होंने अंधविश्वास के चलते चिता पर रखे पिता-पुत्र के शव निकाल लिए। इसके बाद फिर झाड़-फूंक का खेल शुरू हो गया। इस बीच, पुलिस वहां पहुंच गई।

तमाशबीनों के सामने पुलिस दिखी असहाय
श्मशान घाट में तमाशबीनों की भीड़ तो थी ही मौके पर सदर थाने का पुलिस जाब्ता भी तैनात था। लेकिन, पुलिस तुरंत कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। बल्कि पुलिसकर्मी खुद भी तमाशबीनों की तरह ही वहां का नजारा देखती रहे। जब एडिशनल एसपी बचन सिंह मीणा वहां पहुंचे तो उन्होंने पुलिस कर्मियों को फटकार लगाई और चिता से दोनों के शव निकलवाए।