थानाें में वाहन कबाड़ बन गए, मालिकों ने उठा लिया क्लेम, कंपनियां वाहन लेने नहीं आ रही

थानाें में वाहन कबाड़ बन गए, मालिकों ने उठा लिया क्लेम, कंपनियां वाहन लेने नहीं आ रही

जयपुर: कमिश्नरेट के थानाें में 15 हजार से ज्यादा वाहन कबाड़ बन गए। अधिकतर वे वाहन हैं जाे चाेराें से बरामद हुए हैं। इन वाहनाें के मामले दर्ज हाेने के बाद पुलिस ने एफआर लगा दी और वाहन मालिक ने क्लेम ले लिया। एफआर लगने के बाद चाेर गिरफ्तार हुए ताे पुलिस ने उनसे चाेरी के वाहन बरामद किए। वाहन मालिकाें द्वारा क्लेम लेने पर पुलिस इंश्याेरेंस कंपनियाें काे कई बार कह चुकी मगर वाहनाें के कबाड़ हाेने के कारण कंपनियां भी नहीं ले जा रहीं। साथ ही पुलिस इन वाहनाें काे नीलाम भी नहीं कर सकती।

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इसके चलते थानाें में ही वाहनाें का ढेर लगा हुआ है। साथ ही सैकड़ों वाहन ऐसे भी हैं जाे स्थानीय पुलिस या ट्रैफिक पुलिस ने जब्त किए हैं और वाहन मालिक छुड़ाने ही नहीं आया। इसके चलते वाहन थानाें में खड़े खड़े कबाड़ हाे गए। हालांकि करीब दाे साल पहले प्रदेश भर में पुलिस थानाें में मालखाना खाली कराे अभियान चलाकर जब्त वाहनाें काे नीलाम किया गया था मगर कबाड़ वाहनाें काे काेेई खरीददार भी नहीं मिला। बारिश में इन वाहनाें में बडे़ बड़े पेड़ पाैधे उग आए हैं। कबाड़ बने वाहनाें की कीमत करीब सात कराेड रुपए से अधिक है। जयपुर के मानसराेवर, मुहाना, शिप्रापथ और खाेह नागाेरियान इलाके में कबाड़ बने वाहनाें के ढे़र लगे हुए हैं।