114 कर्मियों से हिंदुस्तान इंजीनियरिंग कंपनी ने की 1 करोड़ की धोखाधड़ी
अधीनस्थ कोर्ट ने हिंदुस्तान इंजीनियरिंग कंपनी के तीन निदेशकों और एक फैक्ट्री मैनेजर के खिलाफ 114 कर्मचारियों से करीब एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में आपराधिक मुकदमा चलाने का फैसला किया है। कोर्ट ने चारों के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। जेएम संख्या तीन ने कोलकाता स्थित हिंदुस्तान इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज के निदेशक आर पी मोदी, वी ए मोदी, ए के विजय और जनरल इंजीनियरिंग वर्क्स के फैक्ट्री मैनेजर केपी शर्मा को वारंट जारी कर तलब किया है।
कोर्ट ने चारों के खिलाफ षड़यंत्र-रच कर धोखाधड़ी कर 114 कर्मचारियों के करीब एक करोड़ रुपए ठगने के मामले में आपराधिक मुकदमा चालने का निर्णय किया है। जिसके चलते वारंट जारी किया गया। कर्मचारियों के ओर से अधिवक्ता आर के सिंह और राजेश गोयल ने पैरवी की। कोर्ट के आदेशानुसार कंपनी भरतपुर में जनरल इंजीनियरिंग फैक्ट्री चलाती थी। कंपनी ने साल 1999-2000 में कर्मचारियों द्वारा त्यागपत्र देने पर 15 दिन का एक्सग्रेसिया और ग्रेच्युटी का भुगतान करने का वादा किया था। जिस पर कंपनी ने 114 कर्मचारियों त्यागपत्र दे दिया।
भुगतान के चैक तैयार होने के बाद उन्हें कर्मचारियों को नहीं दिया गया। कुछ अन्य कर्मचारियों को भुगतान किए गए थे। जिन्होंने कोर्ट में दी गवाही में इस तथ्य की ताईद की। साथ ही उन्होंने कंपनी की ओर इस संबंध में जारी पत्र और भुगतान जमा होने की पासबुक भी कोर्ट में पेश की। साथ ही परिवादियों ने मार्च 2000 की एक सूची पेश की जिसमें 114 कर्मचारियों के नाम, त्यागपत्र देने की तारीख और चेक संख्या और रकम अंकित है। ऐसे में कोर्ट ने इन गवाहों और दस्तावेजों को आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त माना।


