ऑनलाइन पढ़ाई से न तो बच्चे खुश और न ही अभिभावक, सब चाहते हैं स्कूल खुलें

ऑनलाइन पढ़ाई से न तो बच्चे खुश और न ही अभिभावक, सब चाहते हैं स्कूल खुलें

ऑनलाइन पढ़ाई से न बच्चे खुश हैं और न ही अभिभावक। यहां तक कि स्कूल वाले भी चाहते हैं कि अब तो फिजिकल क्लासेज शुरू हो ही जानी चाहिए। राज्य सरकार की ओर से 2 नवंबर से 10वीं-12वीं की क्लासेज शुरू होने के संकेत मिलने के बाद स्कूलों ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्कूलों का कहना है कि अभी भी डाउट्स क्लियर करने के लिए रोजाना 25 से 30 स्टूडेंट्स स्कूल आ रहे हैं।

अगर, 2 नवंबर से क्लासेज शुरू होती हैं तो वे उसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। क्लासेज में सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग आदि की व्यवस्थाएं कर ली हैं। शहर के मा. आदित्येन्द्र उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश सिंह बताते हैं कि अगर 2 नवंबर से क्लासेज शुरू होती हैं तो हम तैयार हैं। स्कूल में कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।

उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स और अभिभावक चाहते हैं कि ऑफलाइन क्लासेज जल्दी शुरू हों। क्योंकि अभी भी डाउट क्लियर करने के लिए क्लासों में रोजाना 25 से 30 बच्चे आते हैं। महाराजा बदन सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य रतिराम भारती बताते हैं कि स्कूल में थर्मल स्क्रीनिंग मशीन, सेनेटाइजर और हाथ धोने के लिए साबुन आदि की व्यवस्थाएं है। डाउट क्लियर करने के लिए स्कूल में अब तक करीब 150 बच्चे आ चुके हैं।

एसबीके राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य तृप्ति सिंघल का कहना है कि ज्यादातर स्टूडेंट्स चाहते हैं कि 8 महीने से वे घरों में हैं। ऑनलाइन क्लासेज में ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाती है। इसलिए अब तो ऑफलाइन क्लासेज शुरू होनी चाहिए। वैसे भी बोर्ड एग्जाम नजदीक हैं। अगर, सरकार 2 नवंबर से 10वीं और 12वीं की क्लासेज शुरू करती है तो सोशल डिस्टेसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग आदि की व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।

अभिभावक बोले-हम बच्चों से कोरोना गाइडलाइन का पालन कराएंगे

अब तो यहां भी स्कूल खुल जाने चाहिए

  • बहुत लंबे समय से बच्चे पढाई से वंचित हैं। ऑनलाइन क्लासेज का बच्चों को कोई खास लाभ नहीं मिला है। अन्य प्रदेशों मे स्कूल खुल गए हैं इसलिए हमारे यहां भी स्कूल खोलने चाहिए। हम बच्चों से कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने को तैयार हैं। - हरीश कुमार गिर्राज कॉलोनी

बच्चे ही पढ़ाई से वंचित क्यों हैं

  • सरकार ने लगभग सभी उपक्रम, बाजार, पार्क, होटल, ब्यूटी पार्लर आदि खोल दिए हैं। फिर बच्चे ही पढाई से वंचित क्यों रहें। अब तो स्कूल भी खोल दिए जाने चाहिए। लेकिन, सावधानी बरतते हुए इनमें कोरोना गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। - सुनील शर्मा, स्टेशन रोड

कोरोना की वजह से करीब आठ महीने से बोर हो रहे हैं बच्चे

  • कोरोना की वजह से बच्चे 8 महीने से घरों में बोर हो रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन क्लासेज अटेंड कर रहे हैं। इसलिए अब तो स्कूल खुल ही जाने चाहिए। वैसे भी कोरोना को लेकर बच्चे अब काफी सतर्क हैं। वे गाइड लाइन का पालन कर लेंगे। - दुलीचंद, त्योंगा

यूपी में स्कूल खुल सकते हैं तो यहां क्यों नहीं : सिंह

  • जब यूपी क्षेत्र में स्कूल खुल सकते हैं तो उससे सटे भरतपुर में क्यों नहीं । इसलिए कक्षा 9 से 12वीं तक की क्लासेज जल्दी शुरू कर देनी चाहिए। डाउट क्लास और ऑनलाइन क्लासों का स्टूडेंट्स को ठीक से लाभ नहीं मिल सका है। इसलिए अब तो स्कूल खुलने ही चाहिए। - हरभान सिंह, मुख्य संयोजक, शिक्षा बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति

शिक्षा विभाग के आदेशों का इंतजार : डीईओ

  • अभी स्कूल खोलने के निर्देश नहीं मिले हैं। हां, सरकार जरूर 2 नवंबर से 10वीं और 12वीं की क्लासेज शुरू करने पर विचार कर रही है। अभी यह तय नहीं है कि सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए क्लास में कितने बच्चों को बिठाने की अनुमति होगी। उनका समय रहेगा यह बाद में तय किया जाएगा। - प्रेम सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय, माध्यमिक शिक्षा