राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस गहलाेत ने कहा हम पेट्रोल-डीजल के दाम कम करेंगे तो हमारा रेवेन्यू कम हो जाएगा

राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस गहलाेत ने कहा हम पेट्रोल-डीजल के दाम कम करेंगे तो हमारा रेवेन्यू कम हो जाएगा

विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल के अभिभाषण की बहस का जवाब दिया। इस दौरान सीएम ने विपक्ष के सवालों का जवाब देने के साथ-साथ केंद्र और पीएम मोदी पर भी जमकर प्रहार किए। गहलोत ने कहा, पेट्रोल-डीजल की ज्यादा कीमतों के लिए केंद्र जिम्मेदार है।

हम कम करेंगे तो हमारा रेवेन्यू कम हो जाएगा। हमने कोविड के बावजूद जनभावनाओं को देखते हुए वैट 2% कम किया। यूपीए राज में कच्चे तेल की रेट 135 डॉलर प्रति बैरल थी जबकि आज 40 डॉलर प्रति बैरल है, फिर भी रेट बढ़ती जा रही है।

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वे सब ड्यूटी बढ़ा दी हैं, जिनका राज्यों को हिस्सा नहीं मिलता। केंद्र ने मदद दी है तो अहसान थोड़े ही किया। उन्होंने कई गलत फैसले किए। योजनाओं का हिस्सा 50:50 कर दिया। जीएसटी पर लिखित समझौता होने के बावजूद 10 हजार करोड़ काट लिए।
राज्यपाल दबाव में, हमारे 4 कृषि बिल उनके पास लंबित
गहलोत ने कहा किसान आंदोलन कर रहे हैं उनकी कोई सुनवाई ही नहीं कर रहा है। हमने तीन कानून पास किए, आज तक राज्यपाल के पास लंबित हैं। हम 4 कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राष्ट्रपति से मिलने का वक्त मांगा लेकिन नहीं मिला। पांच एकड़ तक किसान की जमीन कुर्क से मुक्त करने का भी बिल पास किया उसे भी राज्यपाल दबाव में राष्ट्रपति के पास नहीं भेज पा रहे हैं।

सीएम ने कहा-मप्र में हमसे ज्यादा दरें, अभी हमने 2% वैट कम किया था... लेकिन मप्र में पेट्रोल पर 33% और यहां 36% वैट

गहलोत ने कहा-हरियाणा और पंजाब की रेट में हमेशा फर्क रहता है। मध्यप्रदेश में हमसे दरें ज्यादा हैं, अभी हमने 2% वैट कम किया ताे 1000 करोड़ रुपए का भार पड़ा है।

  • मप्र में 33% वैट है, जो हमसे 3% कम, पर वहां 4.50 रु./ली. अतिरिक्त ड्यूटी है, इसलिए महंगा।

बजरी माफिया और पुलिस गठजोड़ का मुद्दा भी उठा, तैयारी न होने से अब चर्चा 24 को

जयपुर|बजरी माफिया और पुलिस गठजोड़ का मुद्दा विधानसभा पहुंच गया। दैनिक भास्कर में खबर छपने के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, भाजपा विधायक अनिता भदेल, गोपी चंद मीणा, प्रताप सिंह सिंघवी, बिहारी लाल विश्नोई, संजय शर्मा, ललित ओस्तवाल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाया। लेकिन सरकार की तरफ से तैयारी पूरी नहीं थी। इसलिए स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने व्यवस्था दी कि दोबारा 24 फरवरी को सदन जुटने पर इस स्थगन प्रस्ताव पर फिर से चर्चा होगी। इससे पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस मुद्दे को उठाते हुए आपत्ति जताई और विषय से संबंधित अफसर सदन में मौजूद रहने चाहिए लेकिन पुलिस विभाग का एक भी अधिकारी उपस्थित नहीं होता। इस पर संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने राठौड़ को टोकते हुए कहा कि प्रस्ताव एक विभाग से संबंधित है तो जवाब तीन दिन में आ जाता है। इसका भी आ जाएगा।

और धौलपुर में थानों के सामने से बेरोकटोक गुजर रहे बजरी ट्रैक्टर

पुलिस चेकपोस्ट सागर पाड़ा। पुलिसवाले भी हैं लेकिन ट्रैक्टर रोकने वाला कोई नहीं।
पुलिस चेकपोस्ट सागर पाड़ा। पुलिसवाले भी हैं लेकिन ट्रैक्टर रोकने वाला कोई नहीं।