पद दंगल में नेताओं पर व्यंग्य बाण 'मोदी जी छोड़ अपनी मन मानी कूं, और कितनो निहाल करैगो अडानी, अम्बानी कूं, नोट बदल दिया, रेल बेच दी और टेलीफोन बेच दिया हाथा सूं'

पद दंगल में नेताओं पर व्यंग्य बाण 'मोदी जी छोड़ अपनी मन मानी कूं, और कितनो निहाल करैगो अडानी, अम्बानी कूं, नोट बदल दिया, रेल बेच दी और टेलीफोन बेच दिया हाथा सूं'

मैंनापूरा में चल रहे पद दंगल में गायकों ने किसान बिल को लेकर सरकार पर खूब व्यंग्य कसे। पद दंगल में गायकों ने बारी-बारी से अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए श्रोताओं को आनंदित किया। झारेडा, करौली रमसु मीना गायक दल ने किसान बिल पर कटाक्ष करते गाया, 'मोदी जी छोड़ अपनी मन मानी कूं और कितनो निहाल करैगो अडानी, अम्बानी कूं, नोट बदल दिया, रेल बेच दी और टेलीफोन बेच दिया हाथा सूं, मोदी जनता का मन बहलावे, मीठी, मीठी बाता सूं'।

इसके साथ ही समाज में फैली दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए लोगों को जागरूक किया। वहीं गायक कलाकार महेश मीना सालिमपुर के दल ने मंहगाई और बेरोजगारों पर कटाक्ष करते कहा, देश में बढ़ री महंगाई, जनता कूं नहीं मिल रो तेल-घी, नेता पी रहय मलाई, पेट्रोल का भाव देख वाहन वाड़ा पकड़या माथा कूं।

स्थानीय गायक दल ने लोगों को दहेज प्रथा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि समाज में फैल रहा है दहेज को लोभ, अब तो समझनो पड़ेगो हम सब लोगा कूं। सुनाकर श्रोताओं को आंनदित किया। श्रोताओं ने ताली बजाकर गायक कलाकारों को हौसलो बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों का खासा सहयोग रहा। अंत में गायक दलों को सम्मानित किया गया।

गायक दल होते हैं पद दंगल
पद दंगल ग्रामीण परिवेश में गायक दल होते हैं, जो स्थानीय भाषा में तत्कालीन मुद्दों पर स्वलिखित और पौराणिक कथाओं को गायकी के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं। ऐसे कार्यक्रम अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में चलते रहते हैं। किसी बात को ग्रामीणों तक पहुंचाने का ये माध्यम भी बन गया है।