जेएनवीयू की विवादित भर्ती 2012-13 में बर्खास्त 34 शिक्षकों में से 28 को किया बहाल
जोधपुर: प्रदेश में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के आदेशों के पलटने का दौर शुरू हो चुका है। शनिवार को जेएनवीयू की सिंडिकेट बैठक में टेबल आइटम पेश कर विवि प्रशासन ने 2012-13 की भर्ती में अयोग्य करार देने के बाद बर्खास्त किए गए 34 में से 28 शिक्षकों को पुन: बहाल करने का फैसला ले लिया।
इसको लेकर काफी विरोध हो रहा है। फरवरी 2017 में राज्य सरकार के निर्देश के बाद राजभवन के निर्देश पर 34 शिक्षकों को अयोग्य करार देकर तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया था। करीब ढाई साल से बर्खास्तगी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
सिंडिकेट बैठक में इस मुद्दे को एजेंडे में शामिल नहीं किया गया। इस एजेंडे को शामिल करने के लिए पूरक एजेंडे का इस्तेमाल किया गया। विवि ने शिक्षकों को बहाल करने का आधार कुलपति की ओर से गठित रिपोर्ट, एसीबी की वर्तमान रिपोर्ट और विधिक राय माना है। कारण कि एसीबी ने अपनी रिपोर्ट में 34 में से 26 को दोषमुक्त करार दिया है।
इस निर्णय के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि कौन सही है और कौन गलत? क्योंकि पूर्व में सिंडिकेट ने इन 34 शिक्षकों को तत्कालीन कुलपति की ओर से गठित समिति की रिपोर्ट और राजभवन के आदेश पर बर्खास्त किया था और अब एक बार फिर से इन बर्खास्त में से 28 को बहाल कर दिया है।


