दंपती की 'बंटी बबली' बनने की कहानी लॉकडाउन में दुकान बंद होने से हुए लाखों कर्ज, पैसे कमाने पत्नी और दोस्त के साथ शुरू की ठगी

दंपती की 'बंटी बबली' बनने की कहानी लॉकडाउन में दुकान बंद होने से हुए लाखों कर्ज, पैसे कमाने पत्नी और दोस्त के साथ शुरू की ठगी

कोटा में पकड़े गए कानपुर की दंपती के बंटी-बबली बनने की कहानी लॉकडाउन से शुरू होती है। लेदर का काम करने वाले मोहम्मद वसीक (27) का लेदर का काम लॉकडाउन में ठप हुआ तो उस पर 5 से 6 लाख रुपए का कर्जा हो गया। इस मुसीबत से बचने के लिए उसने जो रास्ता अपनाया, वह जेल जाकर ही खत्म होता है और हुआ भी यही। सराफा व्यापारियों को नकली हीरे की अंगूठी देकर ठगने वाली यह दंपती अपने साथी समेत जेल में हैं।

मोहम्मद वसीक यूपी के कानपुर में लेदर का काम था। उसकी दुकान में 2-3 लोग काम करते थे। लॉकडाउन के दौरान काम ठप हो गया था। कर्ज के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। इस स्थिति से बचने के लिए इसने अपनी पत्नी और एक साथी के साथ मिलकर व्यापारियों से ठगी करना शुरू कर दी। पिछले 3-4 महीने में इन्होंने मध्यप्रदेश के सतना में 3 और विदिशा में 1 जगह ठगी की वारदात की। कोटा में ठगी की वारदात करते पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

वारदात के बाद जगह बदलते थे

दोनों पति-पत्नी शातिर किस्म के ठग है। ये वारदात के बाद जगह बदलते थे। इन्होंने गाड़ी चलाने के लिए ड्राइवर भी रख रखा था। गिरफ्तार ड्राइवर एक महीने से इनके साथ था। मोहम्मद वसीक के पास एक ही नम्बर के दो आधार कार्ड मिले है, इनमें अलग-अलग पता लिखा हुआ है। मोहम्मद वसीक की पत्नी गजाला मंसूरी के पास एक ही नम्बर के तीन आधार कार्ड मिले है। इनमें अलग-अलग पता लिखा हुआ है। ये होटल में एक दिन से ज्यादा नहीं रुकते थे। फर्जी आईडी की मदद से रोज होटल बदल लेते थे।

माल के बदले माल

शातिर ठग व्यापारियों को सोने की अंगूठी में नकली हीरा बेचते थे और बदले में सोने के जेवरात लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। 6 फरवरी को तीनों ने मिलकर तलवंडी स्थित एक दुकान पर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। यहां व्यापारी को हीरा की अंगूठी देकर उसके बदले सोने की दो चेन और चार सिक्के लेकर फरार हो गए थे। ये गुमानपुरा इलाके में वारदात के फिराक में थे उससे पहले ही पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 7 लाख 73 हजार का सोना व करीब डेढ़ लाख नकद राशि बरामद की।