पब्लिक यूटिलिटी के अधिकतर प्रोजेक्ट तीन साल से अधूरे, ग्रीन बिल्डिंग काॅन्सेप्ट से एक भी निर्माण नहीं

पब्लिक यूटिलिटी के अधिकतर प्रोजेक्ट तीन साल से अधूरे, ग्रीन बिल्डिंग काॅन्सेप्ट से एक भी निर्माण नहीं

स्मार्ट सिटी के विजन डॉक्यूमेंट में जिन कामों पर सबसे ज्यादा फाेकस करना था, अजमेर में उन कामों काे छाेड़कर सजावटी काम वाले प्रोजेक्ट ही अब तक पूरे हाे सके हैं। कुछ प्रोजेक्ट्स काे छाेड़कर पब्लिक यूटिलिटी वाले अधिकतर प्रोजेक्ट पिछले तीन साल से अधूरे हैं। नाॅन वैंडिंग जाेन में वैंडिंग जाेन से दस गुना ज्यादा अवैध ठेले व रेहड़ी वाले जमे हुए हैं।

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पैदल निकलना तक मुश्किल है। वहीं, दाैलत बाग में हरी घास काे उखाड़कर बनाया गया डिजाइनर वाॅक-वे अब किसी काम का नजर नहीं आ रहा है।

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शेयर-ए-बायसाइकिल प्रोजेक्ट पूरा हुआ पर साइकिल ट्रैक नहीं हाेने से यह भी दम ताेड़ रहा है। ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट से अब तक स्मार्ट सिटी में एक भी नया निर्माण नहीं हुआ। पिछले दिनाें ही डांसिंग फाउंटेन, लिली फाउंटेन, वर्चुअल आर्ट गैलेरी सहित अन्य पर माेहर लगी है, लेकिन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसा अहम प्राेजेक्ट ही अधूरा है।