अवैध खनन कर रहीं दो फर्मों के खिलाफ सासंद ने की थी शिकायत, धमकी देने के पीछे इन्हीं का हाथ बता रहीं कोली
सांसद रंजीता कोली पर छह महीने में तीन बार हमले और जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। सीएम अशोक गहलोत ने इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी है जिसको एसपी एसओजी मनीष त्रिपाठी हैड कर रहे हैं। सांसद ने उन्हें मिल रही धमकियों के पीछे अवैध खनन कर रहीं दो फर्मों का हाथ होने की आशंका जताई है।
घटना के बाद से सांसद की तबीयत खराब बनी हुई है। बुधवार सुबह फिर से बेचैनी और घबराहट की शिकायत पर बयाना सीएचसी में उनकी ईसीजी कराई गई। बाद में उन्हें भरतपुर स्थित आरबीएम अस्पताल लाया गया जहां आईसीयू में सभी प्रकार की प्रारंभिक जांचे नार्मल आने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी। सांसद कोली ने बुधवार को सर्किट हाउस में पहुंचकर विश्राम किया जहां पार्टी नेता उनसे मिलने पहुंचे।
इधर, पुलिस ने मौके से 303 बोर, 315 बोर व 9 एमएम के कारतूस बरामद कर मुकदमा दर्ज किया है। गौरतलब है कि 27 मई की रात करीब 12 बजे जब सांसद पर गांव धरसौनी के पास बदमाशों ने हमला किया उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की तथा उनकी गाड़ी पर पथराव किया। इसे लेकर हलैना थाने में एफआईआर दर्ज भी कराई गई थी। मामले का कोई खुलासा नहीं हो पाया है। अगस्त में भी भुसावर निवासी एक व्यक्ति ने सांसद को धमकी दी थी।
5 महीने पहले धरसौनी में हुए हमले के आरोपियों को भी पुलिस अभी तक नहीं कर सकी है गिरफ्तार
घर पर नहीं था कोई सुरक्षाकर्मी
सांसद की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात हैं, लेकिन घटना के समय एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं था। सांसद के आवास की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है तथा चौबीसों घंटे हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। इधर, राज्य सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। जिसे एसओजी के एसपी मनीष त्रिपाठी लीड करेंगे।
टीम में एएसपी (हैडक्वार्टर) वंदिता राणा, बयाना सीओ अजय शर्मा, एसओजी के डीएसपी गुमाना राम, एसओजी के इंस्पेक्टर मोहन लाल पोसवाल, बयाना एसएचओ पूरन सिंह को शामिल किया है। सांसद के आवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है अब सांसद के आवास पर एक हैड कांस्टेबल व 3 कांस्टेबलों का जाब्ता स्थाई रूप से तैनात रहेगा।
सीधी बात: रंजीता कोली, सांसद, भरतपुर
बंधी का आरोप गलत, साबित हुआ तो इस्तीफा
भास्कर- आपको किस पर शक है?
सांसद- मेरी किसी से कोई व्यक्तिगत, पारिवारिक, राजनीतिक व क्षेत्रीय दुश्मनी नहीं है। मैं तो सिर्फ जनहित के मुद्दे उठाती हूं और जनता की भलाई के लिए उठाती रहूंगी।
भास्कर- लोगों में चर्चा है कि आपको खनन माफियाओं से दो लाख प्रति माह बंधी मिलती है?
सांसद- अगर कोई किसी भी सरकारी महकमे अथवा आमजन से मेरे द्वारा किसी कार्य के एवज में एक रुपया भी लेना भी प्रूव कर दे तो मैं पद से इस्तीफा दे दूंगी।
भास्कर- चर्चा है कि आप माइनिंग के काम में हिस्सेदारी चाहती हैं। इसलिए माइनिंग से जुड़े लोगों की शिकायतें करती हैं।
सांसद- मैंने कभी व्यक्तिगत किसी भी माइनिंग से जुड़े व्यक्ति की शिकायत नहीं की है। जनता मुझे शिकायत करती है, तो मैं उनकी शिकायतों को जनप्रतिनिधि के नाते ऊपर तक पहुंचाती हूं। मैंने दो माइनिंग फर्मों की शिकायत स्थानीय लोगों की समस्या को देखते हुए की थी। वे अवैध रूप से चारागाह व वन विभाग की जमीन में अवैध माइनिंग कर रहे हैं।
भास्कर-सोमवार को आपने सर्किट हाउस में जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली को नाराजगी जताई थी। जिसमें सड़क निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता के बावजूद ठेकेदारों को बिल पास करने पर ऐतराज जताया था।
सांसद- मैंने सड़कों की गुणवत्ता जांचे बगैर अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों को बिल पास करने पर आपत्ति जताई थी। अगर इसमें कोई नाराज होता है तो हो।
भास्कर- यह पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं?
सांसद-अगर फायरिंग होना और इस तरह मेरे घर पर जिंदा कारतूस चिपका कर धमकी भरा पत्र छोड़ना पब्लिसिटी स्टंट है। तो क्या वे लोग मुझे गोली लगने के बाद ही समझेंगे।
भास्कर- 5 माह पूर्व भी आपके गाड़ी पर हमला हुआ था। पुलिस अभी तक कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
सांसद- पुलिस अभी तक आरोपियों को आईडेंटिफाई तक नहीं कर पाई है। वहीं भुसावर निवासी एक व्यक्ति द्वारा फोन पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में भी पुलिस ने अभी तक मुख्य आरोपी को नहीं पकड़ा है।
सांसद की सुरक्षा के लिए गार्ड लगा दिए हैं : एसपी
मामले की जांच विशेष जांच दल अनुसंधान कर रहा है। पूर्व में हुए हमले की जांच जारी है। एफएसएल जांच के लिए गाड़ी में मिले पत्थर और सरिए को भेजा है, रिपोर्ट आना बाकी है। सांसद की सुरक्षा को देखते हुए वहां 1-3 की गार्ड लगा दी है। साथ ही गनमैन और पुलिस गार्ड को हिदायत दे दी गई है कि वो किसी भी सूरत में ड्यूटी से गैर हाजिर न रहें। - देवेन्द्र सिंह विश्नोई, एसपी, भरतपुर।
पहले हुए हमलों की भी जांच करेंगे : एसओजी एसपी
इधर सांसद हमले के मामले में जांच करने भरतपुर पहुंचे एसओजी एसपी मनीष त्रिपाठी का कहना है कि मामले में हर दृष्टिकोण से जांच शुरू की गई है। पूर्व में संसद पर हुए हमले को भी जांच के दायरे में लिया गया है। सांसद की सिक्योरिटी को लेकर के भी जांच की जा रही है।
अभी फिलहाल उक्त हमले को लेकर जल्दबाजी मैं कुछ कहना मैं उचित नहीं समझता। सरकार की मंशा है कि दूध का दूध पानी का पानी किया जाए, ताकि इस प्रकार की घटना की भविष्य में पुनरावृति ना हो। -मनीष त्रिपाठी, एसपी एसओजी


