आरबीएम में अब कोई भी एमबीबीएस स्टूडेंट कर सकेगा इंटर्नशिप, 32 ने ज्वाइन किया
जिले के रोगियों के लिए अच्छी खबर है। आरबीएम अस्पताल में अब और बेहतर इलाज मिलेगा। क्योंकि डॉक्टर्स की कमी जल्द दूर होने वाली है। वहीं राज्य सरकार ने एमबीबीएस की फाइनल परीक्षा दे चुके स्टूडेंट्स की इंटर्नशिप के लिए हमारे आरबीएम अस्पताल को भी अधिकृत कर दिया है। इसमें 200 सीटें मंजूर की गई हैं। इन पर देश के किसी भी मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स यहां इंटर्नशिप कर सकेंगे। इसके अलावा अगले साल यानि वर्ष 2023 में भरतपुर मेडिकल कॉलेज का पहला बैच भी इंटर्नशिप के लिए आ जाएगा।
85 सीटों पर देश और 15 सीटों पर विदेश से एमबीबीएस करने वाले लिए जाएंगे
अस्पताल अधीक्षक डॉ. जिज्ञासा साहनी ने बताया कि अब तक 32 मेडिकल स्टूडेंट्स ने इंटर्नशिप के लिए आरबीएम अस्पताल को चुना है। ये लोग यहां आ गए हैं और इन्होंने विभिन्न विभागों में काम भी शुरू कर दिया है। हमारे मेडिकल कॉलेज का पहला बैच वर्ष 2023 में आएगा। उसमें 100 डॉक्टर्स होंगे।
जबकि 85 सीटों पर देश और 15 सीटों पर विदेश में किसी भी मेडिकल कालेज से एमबीबीएस करके आए स्टूडेंट्स इंटर्नशिप कर सकेंगे। इस तरह आरबीएम को हर साल 200 जूनियर डॉक्टर्स मिलेंगे। जबकि विशेषज्ञ डाक्टर्स की सेवाएं पहले से ही उपलब्ध हैं।
इंटर्नशिप की अवधि एक साल की रहेगी : डॉ. जिज्ञासा साहनी
डॉ. साहनी के मुताबिक जूनियर डॉक्टर्स के इंटर्नशिप की अवधि एक साल रहेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने आरबीएम अस्पताल को अधिकृत कर दिया है। भरतपुर मेडिकल कॉलेज से अभी पहला बैच भी नहीं निकला है। रोगियों की सुविधा के लिए स्थानीय विधायक एवं आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग के प्रयासों से ऑपरेशन थियेटर से लेकर डायलिसिस और ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट तक कई तरह की सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं। इसीलिए यहां जटिल से जिंदल ऑपरेशन भी होने लगे हैं।


