रेलवे ने आमजन दिया झटका: 50 रुपए की हुई प्लेटफार्म टिकट, अब आधी रह गई टिकटों की बिक्री
प्लेटफार्म टिकट महंगी किए जाने से स्टेशनों के नजारे ही बदल गए हैं। पहले जहां स्टेशनों पर भीड़भाड़ होना आम बात थी वहीं अब यात्रियों के अलावा बहुत कम लोग नजर आ रहे हैं। वे या तो यात्री को लेने आ रहे हैं या छोड़ने। दरअसल, रेलवे ने आमजन को जोर का झटका दिया है। अन्य स्टेशनों की तरह कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले भरतपुर समेत 9 बड़े स्टेशनों पर अब प्लेटफार्म किराए में पांच गुना की बढ़ोत्तरी कर दी गई है।
अब प्लेटफार्म टिकट खरीदने के लिए 10 के बजाए 50 रुपए रुपए देने पड़ रहे हैं जबकि अन्य छोटे स्टेशनों पर 10 रुपए से बढ़ाकर दाम 20 रुपए कर दिए गए हैं। कोरोनाकाल में रेल संचालन बंद होने के साथ ही प्लेटफार्म टिकट की बिक्री भी बंद कर दी गई थी जिसे अब फिर से शुरू किया गया है।
कोटा मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक अजय कुमार पाल ने बताया कि कोविड को देखते हुए टिकट की दर बड़े स्टेशनों पर 50 रुपए और छोटे स्टेशनों पर 20 रुपए प्रति यात्री रखी गई है। इससे स्टेशनों पर भीड़भाड़ कम हुई है। लेकिन इसका असर प्लेटफार्म टिकट की बिक्री पर भी हुआ है। पहले रोजाना जहां 150 प्लेटफार्म टिकटों क बिक्री होती थी वहीं अब यह संख्या घटकर 40 से 50 ही रह गई है।
- बिना प्लेटफार्म टिकट पकड़े जाने पर जुर्माना वसूला जाएगा। कोरोना से बचाव उपायों के तहत भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कोटा मंडल के सभी स्टेशनों पर इसकी पालना कराई जाएगी। इसके साथ ही रेल मंत्रालय ने जोनल रेलवे को स्टेशनों पर स्थित विश्राम गृहों को दोबारा खोलने के बारे में निर्णय लेने की अनुमति दे दी है। रेलवे यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी। - अजयपाल सिंह, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, कोटा मंडल


