सरकार ने शुरू की तैयारी अब होमगार्ड की तर्ज पर बतौर वालंटियर रखे जाएंगे हैल्थ वर्कर, नई गाइड लाइन जल्द

सरकार ने शुरू की तैयारी अब होमगार्ड की तर्ज पर बतौर वालंटियर रखे जाएंगे हैल्थ वर्कर, नई गाइड लाइन जल्द
सरकार ने दो दिन पहले ही हटाए 27000 से अधिक सीएचए संविदाकर्मी

होमगार्ड की तरह ही अब हैल्थ वर्करों की सेवाएं भी बतौर वालंटियर्स ली जाएंगी। उनका मेडिकल एंड हैल्थ वॉलंटियर फोर्स के नाम से कैडर बनाकर जिला कलेक्टरों के माध्यम से कमेटी बनाकर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। किसी भी आपदा अथवा महामारी के समय इन्हें दैनिक मानदेय देकर ड्यूटी पर बुलाया जा सकेगा। प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मी का परिचय-पत्र भी दिया जाएगा। सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

इससे सरकार को फायदा यह होगा कि कांटेक्ट यानि संविदा पर अस्थाई रूप से रखे गए हैल्थ वर्कर आंदोलन और हड़ताल करके स्थाई करने का दबाव नहीं बना पाएंगे। इस संबंध में जल्दी ही नई गाइड लाइन जारी होने की संभावना है। राज्य सरकार ने दो दिन पहले ही प्रदेशभर में 27000 से ज्यादा संविदा पर लगे हैल्थ वर्कर (सीएचए), नर्स ग्रेड -।। (प्रशिक्षित), 180 स्वास्थ्य कंसलटेंट आदि को हटाया है।

इनमें 1049 सीएचए भरतपुर जिले के शामिल हैं। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे सरकार ने मान लिया है कि अब कोरोना खत्म हो गया है। क्योंकि पहले वैक्सीन स्टोर्स से और अब आरटी पीसीआर लैब एवं अस्पतालों में कोविड-19 सैंपलिंग काम वाले तकनीकी स्टाफ को हटा दिया गया है।

इधर, अचानक हटाए जाने को लेकर इन हैल्थ वर्करों ने सीएम अशोक गहलोत से मिलकर विरोध भी जताया। सीएम अशोक गहलोत ने शनिवार को ट्वीट करके संकेत दिए कि इनकी समस्या का इसी महीने कोई समाधान किया जाएगा। उन्होंने सीएचए के बकाया वेतन भुगतान के लिए 103 करोड़ रुपए का बजट जारी करने की बाती भी कही है।

बड़ा सवाल- क्या सरकार ने मान लिया कि कोरोना खत्म हो गया है,डेपुटेशन खत्म कर वैक्सीन स्टोर से भी हटाया तकनीकी स्टाफ

सरकार युवाओं को रोजगार दो, छीनो मत…कोरोना में काम कराया, वेतन भी नहीं दिया

8 माह तक काम किया, वेतन नहीं मिलाः डॉली
मैंने जुलाई में ज्वाइन किया था। पिछले 8 माह से बयाना से अप-डाउन कर रही हूं। लेकिन अब तक वेतन नहीं मिला है। अब सेवाएं समाप्त कर दी हैं। - डॉली कुमारी, सीएचए

वैक्सीनेशन 90 प्रतिशत पहुंचाया, जॉब चली गई
हमने घर-घर जाकर टीके लगाए। वैक्सीनेशन को 2-3% से 90% से भी ऊपर ले गए। इसका रिवॉर्ड यह मिला कि सरकार ने जॉब ही छीन ली। -कौशल चौधरी, सीएचए

​​​​​​​बिना वेतन काम करा रही है सरकार: सिमरन
मैं जुलाई, 2021 से काम कर रही हूं। पहले डीग में ड्यूटी थी, फिर भरतपुर लगा दिया। ज्वाइनिंग के बाद से वेतन तो दिया नहीं, जॉब से भी हटा दिया है। -सिमरन, सीएचए

​​​​​​​बकाया वेतन भुगतान जल्द करेंगे, बजट मांगाः सीएमएचओ
अस्पताल में संविदा पर लगाए सीएचए में से कुछ को तो नवंबर तक के मानदेय का भुगतान कर दिया है। बाकी को भी जल्द भुगतान कर दिया जाएगा। हमने इसके लिए सरकार से बजट मांगा है। - डा. लक्ष्मण सिंह, सीएमएचओ, भरतपुर

इधऱ...दूसरे दिन नहीं लिए जा सके सैंपल
कोरोना से जुड़े कामों से संविदा वाला तकनीकी स्टाफ हटाए जाने के कारण कोविड-19 संबंधी जांच व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। दूसरे दिन भी भरतपुर में ना तो संदिग्ध कोविड रोगियों के सैंपल लिए जा सके और ना ही जांच हुई। जबकि इस दौरान 2 दिन में 41 लोगों ने जांच के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। लेकिन, जब लोगों को लगा कि सैंपल लिए ही नहीं जा रहे हैं तो वे बिना रजिस्ट्रेशन कराए लौट गए। शुक्रवार को भी सैंपलिंग नहीं होने के कारण कुछ युवाओं ने हंगामा किया था।