पैसे लेकर भागी वेल्टेक एस्टेट इंडिया कंपनी का मामला चिटफंड कंपनी के कर्ताधर्ताओं को एक साल में भी नहीं पकड़ सकी पुलिस टीम,निवेशकों ने किया विरोध प्रदर्शन

पैसे लेकर भागी वेल्टेक एस्टेट इंडिया कंपनी का मामला चिटफंड कंपनी के कर्ताधर्ताओं को एक साल में भी नहीं पकड़ सकी पुलिस टीम,निवेशकों ने किया विरोध प्रदर्शन

भरतपुर और करौली समेत कई जिलों से करोड़ों रुपए इकट्ठे करके भागी चिटफंड कंपनी वेल्टेक इंडिया लिमिटेड के निवेशकों ने शनिवार को पुलिस की ढिलाई को लेकर एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इन लोगों का आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराए जाने के एक साल में भी कोतवाली पुलिस कंपनी के कर्ता-धर्ताओं को नहीं पकड़ सकी है। जबकि कंपनी के सीएमडी मनोज चौधरी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में बल्टीगढ़ी (मथुरा) एमडी संजय कुमार चौधरी मेरठ और एक अन्य अधिकारी ओम प्रकाश शर्मा टप्पल के रहने वाले हैं। प्रदर्शन के बाद इन लोगों ने अपनी मांगों के संबंध में एसपी को ज्ञापन भी दिया।

ज्ञापन में बताया गया है कि चिट-फंड कंपनी वेल्टेक स्टेट इंडिया लिमिटेड ने वर्ष 2010 में भरतपुर, मथुरा, करौली समेत कई जिलों में ब्रांच खोली थीं। इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हजारों लोगों ने एजेंटों के माध्यम से करोड़ों रुपए बतौर एफडी और आरडी जमा कराया था। लेकिन, मैच्योरिटी पर भुगतान देने से पहले ही कंपनी सभी जगह से रातोंरात ऑफिस बंद करके भाग गई।

एजेंटों से कहा गया कि भारत सरकार ने कंपनी बंद कर दी है। निवेशकों का पैसा 18 महीने बाद लौटा दिया जाएगा। कुछ एजेंट्स को चेक भी दिए गए। लेकिन, अधिकतर चेक डिस ऑनर हो गए। क्योंकि कंपनी के खातों में पर्याप्त पैसा ही नहीं था। कंपनी के लोगों ने भरोसे में लेकर काफी लोगों से पॉलिसी बांड भी जमा करा लिए थे। पीडितों की ओर से कोतवाली में 6 मार्च, 2021 को कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। ज्ञापन देने वालों में दीनदयाल, पुरुषोत्तम, हरिसिंह, गंगाराम जाटव, राजेंद्र प्रसाद, चंद्रभान सैनी, छैल बिहारी, केदार सिंह, भगवत, मनोहर सिंह, ओमप्रकाश वर्मा, बाबूलाल, अनिल कुमार जाटव, पुष्पेंद्र, विजेंद्र सिंह, देवीसिंह, सतीश कुमार, सुरेंद्र कुमार चौधरी, उमाशंकर शर्मा, बदन सिंह, पप्पू सिंह, राजेंद्र, श्याम सिंह, वेदप्रकाश, पिंटू सिंह शामिल रहे।