हर साल बसंत पंचमी पर छात्राओं को मिलता था पुरस्कार, इस बार कोई आयोजन नहीं

हर साल बसंत पंचमी पर छात्राओं को मिलता था पुरस्कार, इस बार कोई आयोजन नहीं

एग्जाम में फर्स्ट क्लास पास होने वाली बालिकाओं के गार्गी पुरस्कार पर कोरोना ने ग्रहण लगा दिया है। बसंत पंचमी पर मिलने वाला यह पुरस्कार इस बार नहीं मिलेगा। अभी तक विभाग ने ना तो इसके लिए कोई जानकारी मांगी है। न ही उसको उसको कोई निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को बसंत पंचमी मनाया जा रहा है, लेकिन इस दिन होने वाला पुरस्कार समारोह आयोजित नहीं होगा।

कोटा में हर साल बसंत पंचमी के दिन जिला स्तरीय समारोह आयोजित होता था। समारोह तो आयोजित नहीं होगा लेकिन छात्राओं को पुरस्कार मिलेगा या नहीं इसे लेकर भी अभी कन्फ्यूजन ही है, क्योंकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभी तक कोई सूचना तैयार ही नहीं करवाई है। वहीं, पुरस्कृत होने वाली छात्राओं के लिए तैयार होकर पहले ही सूचना तैयार करवा दी जाती है। जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इस बारे में कुछ भी साफ नहीं बता पा रहे। अधिकारियों का कहना है कि विभाग से समारोह को लेकर कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए इसलिए इस बार कोई आयोजन नहीं होगा।

कोटा जिले में फर्स्ट क्लास पास होने वाली करीब 12704 छात्राएं हैं जिनमें से 75 फीसदी से अधिक नंबर हासिल करने वाली 90 प्रतिशत हैं। गार्गी पुरस्कार योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित माध्यमिक एवं प्रवेशिका परीक्षा में 75 प्रतिशत और इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को कक्षा 11 और 12 में नियमित पढ़ाई करने पर हर साल 3 हजार एवं प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया जाता है। हर जिला मुख्यालय एवं पंचायत समिति स्तर पर बसंत पंचमी पर समारोह आयोजित कर यह पुरस्कार दिया जाता है इसी प्रकार कक्षा 12 में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को 5 हजार प्रोत्साहन राशि दी जाती है। राजस्थान शिक्षा विभाग की तरफ से वर्ष 1998 से गार्गी पुरस्कार और वर्ष 2008- 9 से बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का संचालन किया जा रहा है।