स्कूल के शिक्षकों ने किया नाबालिग छात्रा से गैंगरेप प्रिंसिपल और शिक्षकों ने महिलाओं के सहयोग से नाबालिग छात्रा से किया गैंगरेप

स्कूल के शिक्षकों ने किया नाबालिग छात्रा से गैंगरेप प्रिंसिपल और शिक्षकों ने महिलाओं के सहयोग से नाबालिग छात्रा से किया गैंगरेप

अलवर के रायसराना स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल सहित 9 शिक्षक व शिक्षिकाओं के खिलाफ स्कूल में पढ़ने वाली 4 नाबालिग छात्राओं ने गैंगरेप सहित छेड़छाड़ किए जाने के 3 अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए है।

थानाधिकारी मुुकेश यादव ने बताया कि पीडि़त छात्रा के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह ट्रक चलाने का काम करता है, उसकी पत्नी गूंगी व बहरी है। मैं कई दिनों में घर आता हूं। उसकी बेटी गांव के स्कूल में कक्षा 10वीं पढ़ती है। वह घर आया ताे बेटी कई दिनों से स्कूल नहीं जा रही थी। मैंने बेटी से स्कूल जाने काे कहा ताे उसने मना कर दिया और रोने लगी। मैंने बेटी से कारण पूछा ताे उसने बताया कि स्कूल के अध्यापक उसके साथ गलत काम करते है।

जाे एक साल से करते आ रहे है। बेटी ने बताया कि वह पहली बार स्कूल गई ताे अध्यापिका मनीषा यादव व अनिता कुमारी ने उसे एक कमरे में ले जाकर कहा कि तुम गरीब हा़े हम तुम्हें स्कूल की ड्रेस, काॅपी, किताब फ्री में देंगे। साथ ही अध्यापिकाओं ने बालिका से कहा कि तुम्हारी स्कूल की फीस भी हम भर देंगे और परीक्षा में पास कर देंगे। लेकिन, तुम्हे अध्यापकों काे खुश करना पड़ेगा। रिपोर्ट में लिखा कि इसके बाद दाेनाें मैडम बेटी काे शिक्षक सुरेश मीणा के कमरे में ले गई। जाे स्कूल के पास किराए का कमरा लेकर रहता है। वहां पहले से स्कूल प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार, अध्यापक राजकुमार व प्रमाेद कुमार माैजूद थे और उन्होंने शराब पी रखी थी।

इस दौरान अध्यापिका मनीषा यादव ने उसके कपड़े उतार दिए। इसके बाद उक्त चाराें अध्यापकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। साथ ही दाेनाें महिला शिक्षकों ने उसकी अश्लील वीडियो बनाई। रिपोर्ट में लिखा कि बेटी ने विराेध किया ताे उक्त महिला शिक्षकों ने बेटी काे धमकी दी कि उसके अश्लील वीडियो वायरल करने के साथ परीक्षा में फेल कर देंगे । प्रिंसिपल जितेंद्र ने कहा कि यदि तुम इस संबंध में घर जाकर बताओगी ताे मेरा भाई मंत्री है। मैं तुम्हें और तुम्हारे परिवार काे उठाकर जान से मरवा दूंगा। बेटी डर गई और उसने इस घटना के बारे में घर पर नहीं बताया।

रिपाेर्ट में लिखा कि इस घटना के दस दिन बाद मनीषा यादव व राजकुमार की पत्नी सुनीता यादव इसी स्कूल में अध्यापिका है। वह स्कूल में बार आती रहती है और अनिता कुमार पत्नी राजीव यादव जाे भी स्कूल में आते रहते है। सतीश कुमार पुत्र धर्मसिंह निवासी गंडाला राउमावि तसींग में अध्यापक है। वे प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार व राजकुमार के दोस्त हैं। ये स्कूल में आते रहते है। इसके बाद फिर मैडम मनीषा यादव व सुनीता यादव बेटी काे सुरेश कुमार मीणा के कमरे पर लेकर गई।

वहां पर पहले से माैजूद प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार, अनीता कुमारी के पति राजीव यादव, प्रिंसिपल का दोस्त सतीश कुमार व सुरेश मीणा ने शराब पी रखी थी। इस दौरान दाेनाें मैडमाें ने उसके कपड़े उतारे और उक्त चाराें जनाें ने बेटी के साथ गैंगरेप किया। रिपोर्ट में लिखा कि उक्त अध्यापक बेटी का पिछले एक साल से शारीरिक शोषण करते आ रहे हैं। जबकि आरोपी प्रमाेद कुमार का स्थानांतरण हा़े गया है। लेकिन, वे बार बार स्कूल आते रहते है और बेटी के साथ गलत काम करते है।

आखिरी बार दीपावली की छ़ुट्टियों से पहले बेटी के साथ गलत काम किया था।
स्कूल खुलने पर बेटी स्कूल गई ताे प्रिंसिपल व अध्यापक सुरेश मीणा ने बेटी काे कमरे पर चलने काे कहा ताे बेटी ने मना कर दिया और बेटी ने तंग आकर पढ़ाई छाेड़ने के साथ स्कूल जाना छाेड़ दिया। पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल सहित शिक्षकों के खिलाफ गैंगरेप व पाेक्साे एक्ट के तहत मामले दर्ज कर लिए है। गौरतलब है कि 17 दिसंबर 2020 काे स्कूल की एक छात्रा ने एक शिक्षक पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। जिसमें भी स्कूल की महिला शिक्षकों पर सहयोग का आरोप लगाया गया था।

कक्षा 6, 4 व 3 की छात्राओं के साथ ही अश्लील हरकत
10वीं की छात्रा के अलावा स्कूल में कक्षा 6, 4 व कक्षा 3 में पढ़ने वाली छात्राओं ने भी उक्त स्कूल शिक्षकों के खिलाफ उनके साथ अश्लील हरकतें करने के साथ छेड़छाड़ करने का मामला दर्ज करवाया है। थानाधिकारी ने बताया कि पीडि़ता छात्राओं के परिजनों ने इस संबंध में स्कूल प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार, शिक्षक राजकुमार व प्रमाेद कुमार सहित अन्य पर मामले दर्ज कराए है।

  • 4 पीडि़ता छात्राओं व उनके परिजनों की और से स्कूल शिक्षकों के खिलाफ नामजद गैंगरेप व छेड़छाड़ के मामला दर्ज कराए है। पुलिस मामले की जांच बहरोड़ सीओ मदन लाल राॅयल काे साैंपी गई है। जाे पूरे मामले का अनुसंधान करेंगे। - मुकेश यादव, थानाधिकारी, मांढ़ण
  • मेरी जानकारी में कुछ भी नहीं है, मेरे पास तो अभी थानेदार का फोन आया था उन्होंने बताया कि आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो रहा है। जो भी बात की जा रही है वह पूरी तरह गलत है। पिछले साल जो मामला हुआ था उसकी पार्टी के लोग हो सकते है। कोई भी मामला होता तो पहले हमारे पास आता है अगर मेरे से शिकायत है तो मेरे बॉस से शिकायत करते। - जितेंद्र कुमार, प्रिंसीपल ,रायसराना

जिम्मेदारों उठो, जनता जवाब मांगती है
खबर पढ़कर आपको गुस्सा आना ही चाहिए। मुट्ठियां भिंचनी ही चाहिए उस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जो स्कूलों में यह सब होता देख रहे हैं। चेहरा तमतमाना चाहिए उस पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ, जो ऐसे मामलों को या तो दबा देते या चुप्पी साध लेते हैं। आंखाें में लहू उतरना चाहिए उस सरकार के खिलाफ जो बच्चियों के साथ होने वाले ऐसे कुकृत्य पर लीपापोती करती है।

मांढ़ण का रायसराना स्कूल, ठीक एक साल पहले 17 दिसंबर 2020 काे एक व्याख्याता द्वारा बच्चियों से अश्लील हरकत के मामले में सुर्खियों में आया था। कार्रवाई के नाम पर कुछ खास नहीं हुआ। बच्चियां और उनके परिवार बदनाम हो गए। अब फिर एक मामला, इस बार आरोप ज्यादा संगीन हैं। महिला अध्यापिकाओं पर भी आरोप हैं।

अगर आरोप सही हैं तो इससे शर्मनाक घटना कोई दूसरी नहीं हो सकती। अगर यह राजनीति या गलत आरोप हैं, तो रिपोर्ट दर्ज करवाने वालों सहित इसके पीछे के सच को पता करते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह छोटा मामला नहीं, यह शिक्षा के मंदिर के विश्वास का मामला है।

इस मामले में जांच अधिकारियों या राजनेताओं को बीच के किसी रास्ते की तलाश में नहीं जाना चाहिए। एक बार दिल पर हाथ रखकर सोचना होगा कि अकेले अलवर जिले में हजारों परिजन अपने बच्चों को शिक्षा के इन मंदिरों में आंख बंदकर भेजते हैं। सरकारी स्कूलों और उनमें काम करने वाले अध्यापकों के अच्छे कामों को गिनते हैं, तो लगता है कि व्यवस्थाओं की कमी के बाद भी ये लोग कितनी मेहनत से काम करते हैं, लेकिन जब एक स्कूल से इस तरह की आवाज आती है, तो आम आदमी पूरे विभाग से सवाल पूछने लगता है।

अब तो इस जिले की सरकार में आवाज भी बढ़ गई है। दो मंत्री हैं। इनमें एक महिला है। जिले के प्रभारी मंत्री शिक्षा विभाग से हैं। एक बार उठो। समय नहीं है, जब बच्चियों के साथ इस तरह की हरकत करने वालों को माफ कर उनको बचाने का प्रयास करें। सच को सामने लाइए। जो भी गलत है, उसे ऐसी सजा दीजिए कि भविष्य में किसी स्कूल में ही नहीं, कहीं पर भी कोई बच्चियों की तरफ गलत नजर नहीं उठा सके।