भरतपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में भ्रष्टाचार की आग, गबन की जांच के लिए मंगलवार को आनी है टीम
बिजलीघर चौराहे पर स्थित दि भरतपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक (सीसीबी) के रिकॉर्ड रूम में शनिवार दोपहर करीब 3 बजे किसी ने आग लगा दी। इससे बैंक के लेन-देन संबंधी वाउचर्स और अन्य जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए। इस घटना को बैंक की बैक साइड में अंजाम दिया गया। वारदात को अंजाम देने वाले व्यक्ति ने पहले खिड़की की जालियों को 2 जगह से काटकर उसमें छेद किए, फिर बोतल से अंदर पेट्रोल उंड़ेला और आग लगा दी।
मौके पर पेट्रोल से आधी भरी बोतल भी मिली है। इसलिए आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस वारदात में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है, जो बैंक के घोटालों में फंसा है। बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक सीसीबी की कलेक्ट्रेट ब्रांच में पिछले दिनों 1.09 करोड़ रुपए का गबन हुआ था। इसमें प्रारंभिक जांच के बाद तत्कालीन मैनेजर राजेश सिंह को दोषी माना था।
राजेश सिंह ने गबन की राशि ब्याज समेत बैंक में जमा करवा दी थी, लेकिन अपेक्स बैंक ने उनके 4 साल के पूरे कार्यकाल की विस्तृत जांच कराए जाने का फैसला किया। इसके लिए हाल ही अपेक्स बैंक के अधिकारियों का तीन सदस्यीय नया जांच दल बनाया गया। इसमें अतिरिक्त रजिस्ट्रार एवं जीएम ऊषा सत्संगी, एजीएम गिरिराज सिंह राणावत और वरिष्ठ प्रबंधक मनोज शाह को शामिल किया गया। यह टीम गुरुवार को ही एक दिन के लिए भरतपुर आकर गई है। इसे मंगलवार से विस्तृत जांच शुरू करनी है।
बैंक प्रबंधन के मुताबिक लमारी और रैक में रखे प्रमुख लेजर समेत काफी जरूरी दस्तावेज जलने से बच गए क्योंकि यह आग पूरे रिकॉर्ड रूम में फैलती उससे पहले ही दमकलों ने इसे काबू कर लिया। प्राथमिक जांच के मुताबिक बैंक मेंं शनिवार बैंक में अवकाश था। चूंकि दिन में गार्ड रहता नहीं है। इसलिए अग्निकांड को दोपहर 3 बजे के करीब अंजाम दिया गया।


