ओमिक्रॉन से बचाव के लिए टीमों ने घर-घर और खेतों में जाकर लोगों को लगाई वैक्सीन

ओमिक्रॉन से बचाव के लिए टीमों ने घर-घर और खेतों में जाकर लोगों को लगाई वैक्सीन

काेराेना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का अब देश में पहुंचने से लाेगाें में दहशत मची हुई है। काेराेना की तीसरी लहर के बीच ओमिक्रॉन की देश में और राज्यों में पहुंचने से लाेग चिंतित हैं। वजह है कि काेराेना की दूसरी लहर ने जन हानि काफी कराई थी। इसी बीच अब काेराेना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से महफूज रहने के लिए एक नई बात डॉक्टर कह रहे हैं कि ओमिक्रॉन का प्रभाव दाेनाें डाेज लगा चुके व्यक्तियों पर न के बराबर है। यानि की ओमिक्रॉन अगर हाेगा भी ताे उसे महज सामान्य जुकाम-खांसी हाेगी, क्‍योंकि जिनके दाेनाें डाेज लग चुकी हैं, वे राेग प्रतिरोधक क्षमता रखता है। इसलिए ओमिक्रॉन दाेनाें वैक्सीनेशन वालाें के लिए खतरा वाली बात नहीं है।

ऐसे में अब कलेक्टर आरके जायसवाल ने भी वैक्सीनेशन के लिए कमान संभालकर वैक्सीनेशन के काम में तेजी ला दी है। कलेक्टर जायसवाल ने बातचीत में कहा कि घर घर खेत खलिहान बाजारों में वैक्सीनेशन का काम तेज कर दिया गया है। पहले धाैलपुर शहर में चार टीमें काम कर रही थीं। फिर बढ़ाकर 20 टीमें और अब 25 टीमें धाैलपुर शहर में घर-घर वैक्सीनेशन का काम संभालेंगी। क्‍योंकि प्रदेश सहित धाैलपुर में ओमिक्रॉन जब तक आए उससे पहले धाैलपुर काे महफूज करना है। ये ही कारण है कि इस समय मैं खुद फील्ड में मजबूती से वैक्सीनेशन के लिए काम कर रहा हूं। दाेनाें डाेज ओमिक्रॉन के प्रभाव काे राेकने के लिए कारागार है। इसलिए उम्मीद है कि जल्द जिले भर में वैक्सीनेशन काे शत प्रतिशत कराया जाए।

करीब 10 से 12 दिनों में 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन किए जाने के प्रयास तेज

वैक्सीन की दाेनाें डाेज से ही ओमिक्रॉन से बचाव
पीएमओ डाॅ समरवीर सिंह सिकरवार ने बताया कि ओमिक्राॅन नया वेरिएंट है। राज्य सरकार व जिला प्रशासन अधिकाधिक वैक्सीनेशन करा रहा है। क्‍योंकि जिसके वैक्सीनेशन है उसके लिए ओमिक्रॉन साधारण सा जुकाम-खांसी का असर रहेगा। डाॅ समरवीर ने बताया कि ओमिक्रॉन सिंपल वायरस है, लेकिन एयर में फैलाव ज्यादा है। जनता से अधिक अधिक से अपील है कि जितनी जल्दी हाे सके अपनी दाेनाें डाेज लगवाएं। वैक्सीनेशन वालाें काे इसका प्रभाव बहुत कम है। क्योंंकि इससे लड़ने क राेग प्रतिरोधक क्षमता है। अभी धाैलपुर में एक भी काेराेना का मरीज नहीं है। धाैलपुर की जनता से अपील है कि गेदरिंग नहीं हाेनी चाहिए काेराेना गाइड लाइन की पहले की तरह से पालना हाे। मास्क जरुरी है।

अपील: जिला सुरक्षित है, लापरवाही न बरतें

सीएमएचओ डाॅ गाेपाल गाेयल ने बताया कि धाैलपुर जिले में अभी तक पहली डाेज 75 फीसदी और दूसरी डाेज 51 फीसदी लग चुकी है। अगले 10 से 12 दिन में जब पूरी तरह से कलेक्टर साब ने कमान संभाल ली है और वे लगातार जिले भर में तेजी से वैक्सीनेशन पर ध्यान दे रहे हैं। उम्मीद करते हैं 10 से 12 दिन में 100 फीसदी वैक्सीनेशन हाे जाए। ओमिक्रॉन काेराेना का वेरिएंट है।

अभी राजस्थान में काेराेना के केस निकले हैं, लेकिन उनमें ओमिक्रॉन की काेई पृष्टि नहीं हुई है। वहीं, दाेनाें डाेज लगा चुके लाेगाें के लिए दूसरी लहर घातक साबित नहीं हुई। टीकाकरण वाले सुरक्षित रहे। निश्चित रुप से दाेनाें डाेज बचाव कवच है इसे लेना चाहिए। जिला अभी तक सुरक्षित है। ऐसे में प्रशासन और सरकार की गाइडलाइन की पालना करें।