करीब 10 मिनट तक पड़े बेर जैसे ओले सरसों की 80% तक फसल हुई नष्ट, 59 गांव प्रभावित

करीब 10 मिनट तक पड़े बेर जैसे ओले सरसों की 80% तक फसल हुई नष्ट, 59 गांव प्रभावित

कोरोना की तरह मौसम भी अचानक बिगड़ गया। शनिवार तड़के किसानों की मेहनत पर ओले पड़ गए। करीब 10 मिनट तक पड़े बेर जैसे ओलों से सरसों के फूल झड़ गए। कृषि विभाग के फौरी सर्वे में इससे 20 से 80 प्रतिशत तक नुकसान माना गया है। ओलावृष्टि से 23 ग्राम पंचायतों के 59 गांव प्रभावित हुए हैं। सर्वाधिक नुकसान डीग तहसील के 31 गांवों में है। मुआवजे की मांग को लेकर भरतपुर, जनूथर, डीग, वैर, भुसावर, हलैना समेत कई जगह किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किए।

वहीं कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह, भजन लाल जाटव ने फसली नुकसान पर चिंता जताई है। नदबई विधायक जोगेन्दर सिंह अवाना, नगर विधायक वाजिब अली ने भी खेतों में जाकर फसली नुकसान का जायजा लिया। किसानों का कहना है कि ओलों से फूल तो झड़े ही हैं, पौधों का तना भी टूट गया है।

आगे क्या अब बढ़ेगी ठिठुरन... माैसम विशेषज्ञ आरके सिंह के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में चक्रवात सक्रिय है। रविवार से हवा का रुख उत्तरी हा़े जाएगा। इससे रात में ठिठुरन बढ़ेगी। कोहरे का यलो अलर्ट है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 9 से 11 जनवरी तक भरतपुर में मौसम साफ रहेगा।

सरकार को बुधवार तक भेज देंगे रिपोर्ट : डीएम
ओलावृष्टि से कुम्हेर, डीग, नदबई, वैर, भुसावर क्षेत्र में काफी नुकसान है। पीड़ित किसानों को बहुत जल्द मुआवजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। विशेष गिरदावरी करवा रहे हैं। बुधवार तक सरकार को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। -हिमांशु गुप्ता, जिला कलेक्टर