वीडीओ मिलता ही नहीं, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र जैसे काम अटक रहे; जिले में 224 वीडीओ संभाल रहे हैंं 400 ग्राम पंचायतों का काम
राज्य की गहलोत सरकार भले ही विकास के लंबे-चौड़े दावे कर रही हो। लेकिन, गांवों की स्थिति बहुत खराब है। विकास कार्य ठप हैं। लोगों के जन्म-मृत्यु, विवाह प्रमाण-पत्र, पेंशन सत्यापन, एनओसी और राशनकार्ड जैसे छोटे-छोटे काम भी नहीं हो रहे हैं। क्योंकि ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) मिलते ही नहीं हैं। दूसरी ग्राम पंचायत में काम होने के नाम पर गायब रहते हैं। जिले की 400 ग्राम पंचायतों का जिम्मा सिर्फ 224 वीडीओ पर है। यानि प्रत्येक के पास 2 से अधिक पंचायतों का अतिरिक्त कार्यभार है। कब किस पंचायत में अर्जेंट काम आ जाए और कब किस पंचायत का काम बंद करके भागना पड़े, यह खुद वीडीओ को भी पता नहीं होता।
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा से लेकर राज्य और केंद्र की कई योजनाएं पंचायतों के जरिए लागू होती हैं। लेकिन, भरतपुर जिले में 176 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां स्थाई वीडीओ नहीं है। जिला प्रशासन ने ग्राम विकास अधिकारियों को दूसरी पंचायतों का अतिरिक्त चार्ज दिया हुआ है। इससे सुविधा के बजाय परेशानी बढ़ रही है।
ग्रामीणाें को होती है काफी परेशानी
उदाहरण के तौर पर डीग में वीडीओ राजेश कुमार के पास कासोट, खोह, शीशवाडा, मोरौली ग्राम पंचायतों का कार्यभार है। खोह से कासोट की दूरी 30 किमी से अधिक है। पंचायत समिति मुख्यालय से शीशवाड़ा करीब 12 किमी और मोरौली उससे भी कई किलोमीटर आगे है। कमोबेश ये हालात सभी पंचायत समितियों में हैं। उल्लेखनीय है कि ग्राम विकास अधिकारियों के पद खाली होने से विभिन्न विकास एवं सामाजिक योजनाओं के साथ-साथ नए-पुराने राशन कार्ड, जन्म, मृत्यु, विवाह प्रमाण पत्र, पंचायत से एनओसी जारी करवाने, ग्रामीण विकास कार्यों के प्रस्ताव, ऑनलाइन डाटा, पेंशन का भौतिक सत्यापन, दस्तावेजों में शुद्धिकरण समेत कई तरह के काम प्रभावित हो रहे हैं। सरपंच भी परेशान हैं।

अतिरिक्त चार्ज होने से हम भी परेशान हैं : लक्ष्मीनारायण
- एक से अधिक ग्राम पंचायतों का अतिरिक्त चार्ज होने से हमें भी परेशानी हो रही है। क्योंकि रोज 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। नियमानुसार एक वीडीओ के पास एक ही पंचायत का प्रभार होना चाहिए। तभी लोगों के काम समय पर होंगे। हालांकि सरकार ने 3800 से अधिक खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। - लक्ष्मीनारायण कौंरेर, जिलाध्यक्ष ग्राम विकास अधिकारी संघ
ग्रामीणों को कोई समस्या ना हो, हमारा फोकस उस पर है : सीईओ
- खाली पद तो सभी विभागों में हैं। हमारा फोकस इस बात पर है कि ग्रामीणों को कोई समस्या ना हो। सरकार की गाइडलाइन है कि वीडीओ से बेहतर कार्य लेने की जिम्मेदारी संबंधित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और प्रधान की है। हम भी मॉनिटरिंग करते हैं। कहीं कोई समस्या आती है तो समाधान करते हैं। - सुशील कुमार, सीईओ जिला परिषद
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