हाइटेक हुई मनेरगा मोबाइल एप पर दिन में दो बार होगी ऑनलाइन हाजिरी; शाम को किए गए काम की फोटो भी अपलोड करनी होगी, फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा
मनरेगा योजना अब हाइटेक होने जा रही है। हाइटेक भी कुछ ऐसी कि हाजिरी कम होने से लेकर कार्य मूल्यांकन तक की श्रमिकों की शिकायतें ही बंद हो जाए। नई व्यवस्था न सिर्फ श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करेगी, बल्कि फर्जीवाड़े को भी रोकेगी। जिले की कुछ पंचायतों में नई व्यवस्था का प्रयोगिक तौर पर प्रयोग शुरू कर दिया गया है। एक फरवरी से शुरू होने वाले नरेगा पखवाड़े के बाद इसे पूरे राज्य में लागू करने की योजना है। जिले के सभी ब्लॉकों में मनरेगा मेटों को मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा। मस्टररोल में जारी श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति एक दिन में दो बार दर्ज की जाएगी।
सुबह 11 बजे तक सभी श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज अनिवार्य होगी। श्रमिकों की अनुपस्थिति स्वतः ही एप में दर्ज हो जाएगी। वहीं दोपहर को 2 से 5 बजे के बीच दुबारा श्रमिकों की उपस्थिति के साथ उनके द्वारा किए गए कार्य की फोटो अपलोड की जाएगी। जिले में 1 फरवरी से मनरेगा में कार्यरत श्रमिकों की उपस्थिति ऑनलाइन एप के जरिए ही ली जाएगी। अभी ऑनलाइन उपस्थिति 50 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में शुरू की गई है। जिले में सभी मेटों को क्लस्टर वार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब 1 फरवरी से शुरू होने वाले पखवाड़े में मेटों को ऑनलाइन उपस्थिति ही दर्ज करनी होगी। इसके अलावा एप के जरिये मनरेगा मेट को भी प्रशिक्षित कर जोड़ा जाएगा।
कार्य स्थल पर संबंधित मेट को श्रमिकों की उपस्थिति के साथ-साथ उनका वीडियो/फोटो भी अपलोड करना होगा।एरिया ऑफिसर एप के माध्यम से मनरेगा कार्यों के साथ अन्य योजनाओं की भी मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें कलेक्टर एवं सीईओ को 10-10 कामों का निरीक्षण एवं संबंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारी को 15-15 ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करना होगा। इधर, विकास अधिकारी पंचायत समिति धौलपुर राजेश लवानिया ने बताया कि मनरेगा कार्य में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। नई व्यवस्था को लेकर पंचायत समिति के सभी मेटों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एक फरवरी से शत प्रतिशत उपस्थित एमएमएस से ही की जाएगी।
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