गांव के विद्यार्थी ने 5 हजार की कबाड़ बाइक को इलेक्ट्रिक बना दिया, आधा यूनिट बिजली से हाेती 60 वॉल्ट बैटरी फुल चार्ज
कहते हैं- आवश्यकता अविष्कार की जननी है। प्रयोग ही परिणाम लाएगा। पुष्कर के पास हाेकरा गांव पिंटू सिंह ने 35 हजार रुपए खर्च से इलेक्ट्रिक बाइक बना दी। कबाड़ी से 5000 रुपए में कंडम बाइक खरीदी। पेट्राेल इंजन हटाया और इलेक्ट्रिक सिस्टम फिट कर बैटरी ऑपरेटेड बनाया। इसके लिए बाइक में कई बदलाव किए। बैटरी भी 8 साल की वारंटी वाली है। पिंटू माकड़वाली गांव के विवेकानंद स्कूल में बारहवीं विज्ञान वर्ग का छात्र है। वहां जो पढ़ा, यहां प्रयोग कर दिया।
बाइक में 60 वॉल्ट की बैटरी और 2 किलाेवाॅट की माेटर फिट की गई है। बैटरी आधे यूनिट में फुल चार्ज हाे जाती है और एक बार चार्जिंग में 50 किलाेमीटर तक चलती है। आधे यूनिट बिजली खर्च 4 रुपए आता है। पिंटू ने अपनी इस बाइक का नाम दिया है स्मार्ट बाइक।
नॉलेज; गांव के विज्ञान के विद्यार्थी का यह प्रयास अच्छा है, मगर रोड सेफ्टी एक्ट और मोटर व्हीकल एक्ट में यह फिट नहीं है
पिंटू सिंह के पिता सब्जी विक्रेता हैं। घर के खर्चों के अलावा बेटे की पढ़ाई का खर्चा भी बहुत है। पिंटू ने दूर स्कूल जाने में रोजाना हो रहे खर्च को बचाने की सोच के साथ किया, परन्तु वाहनों के तय सुरक्षा मानक होते हैं। कानून हैं। रजिस्ट्रेशन सिस्टम है। ये रजिस्टर्ड ई-बाइक नहीं है।


